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Bilaspur News: लोगों को प्राकृतिक खेती को अपनाने के लिए किया प्रेरित
Mon, 02 Jun 2025 11:50 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 02 Jun 2025 11:50 PM IST
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झंडूता के बैहरन गांव में आयोजित जागरूकता शिविर में उपस्थित ग्रामीण। संवाद
- बेहरन गांव में जागरुकता शिविर का हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बैहना ब्रह्मणा के बेहरन गांव में कीटनाशक दवाओं को बंद करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय जागरुकता शिविर लगाया गया।
शिविर गांव के राजकुमार,ओमपाल, गुलशन, नितिन सहित अन्य युवाओं के सहयोग से हुआ। अध्यक्षता पुरुष स्वास्थ्य पर्यवेक्षक झंडूता शिवा नंद गोरा ने की। उन्होंने लोगों से कहा कि खतरनाक कीटनाशक दवाओं के स्प्रे से सिर दर्द, चक्कर आना, उल्टी आना, बेहोशी, चर्म रोग, आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत जैसे दुष्प्रभाव के अलावा दिनों दिन बढ़ रही लिवर, किडनी, कैंसर भयानक बीमारी को बुलावा देना है। यह समस्या बच्चों और महिलाओं में ज्यादा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि खतरनाक कीटनाशक दवाओं के स्प्रे से जहां पर्यावरण संरक्षण को खतरा बढ़ रहा है। वहीं जमीन की मिट्टी की गुणवत्ता पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील कि जब भी बाजार से फल, सब्जी घर लाएं तो उन्हें खाने से पहले नमक वाले पानी में धो लें। उसके बाद उनका प्रयोग करें। इस अवसर पर गांव वासियों ने खतरनाक बीमारी फैला रहे कीटनाशक दवाओं के स्प्रे को बंद कर प्राकृतिक खेती को अपनाने का प्रण लिया। शिविर में स्थानीय पंचायत प्रधान राजेंद्र कुमार, उपप्रधान इंद्र सिंह, किसान संघ के अध्यक्ष सत्यपाल वर्मा, कैप्टन रतन सिंह ठाकुर, रण सिंह ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। विकास खंड झंडूता की ग्राम पंचायत बैहना ब्रह्मणा के बेहरन गांव में कीटनाशक दवाओं को बंद करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक दिवसीय जागरुकता शिविर लगाया गया।
शिविर गांव के राजकुमार,ओमपाल, गुलशन, नितिन सहित अन्य युवाओं के सहयोग से हुआ। अध्यक्षता पुरुष स्वास्थ्य पर्यवेक्षक झंडूता शिवा नंद गोरा ने की। उन्होंने लोगों से कहा कि खतरनाक कीटनाशक दवाओं के स्प्रे से सिर दर्द, चक्कर आना, उल्टी आना, बेहोशी, चर्म रोग, आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत जैसे दुष्प्रभाव के अलावा दिनों दिन बढ़ रही लिवर, किडनी, कैंसर भयानक बीमारी को बुलावा देना है। यह समस्या बच्चों और महिलाओं में ज्यादा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि खतरनाक कीटनाशक दवाओं के स्प्रे से जहां पर्यावरण संरक्षण को खतरा बढ़ रहा है। वहीं जमीन की मिट्टी की गुणवत्ता पर भी गहरा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने लोगों से अपील कि जब भी बाजार से फल, सब्जी घर लाएं तो उन्हें खाने से पहले नमक वाले पानी में धो लें। उसके बाद उनका प्रयोग करें। इस अवसर पर गांव वासियों ने खतरनाक बीमारी फैला रहे कीटनाशक दवाओं के स्प्रे को बंद कर प्राकृतिक खेती को अपनाने का प्रण लिया। शिविर में स्थानीय पंचायत प्रधान राजेंद्र कुमार, उपप्रधान इंद्र सिंह, किसान संघ के अध्यक्ष सत्यपाल वर्मा, कैप्टन रतन सिंह ठाकुर, रण सिंह ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
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