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Bilaspur News: बिलासपुर क्षेत्रीय अस्पताल में इलाज के लिए भटकते रहे मरीज
Sat, 27 Dec 2025 11:47 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 27 Dec 2025 11:47 PM IST
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चिकित्सकों की सामूहिक अवकाश पर जाने से लोग हुए परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। आईजीएमसी शिमला में चिकित्सक की बर्खास्तगी के विरोध में क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में शनिवार को दूसरे दिन भी ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। अस्पताल में आपातकालीन ओपीडी को छोड़कर सभी ओपीडी बंद होने से अस्पताल के बाहर कम ही लोग दिखे। वहीं आपातकालीन ओपीडी में लोग इलाज कराने पहुंचे।
इस दौरान आपातकालीन ओपीडी में सिर्फ गंभीर मरीजों को ही देखा गया। अन्य लोगों को वहां से वापिस जाना पड़ा। चिकित्सकों के दूसरे दिन भी सामूहिक अवकाश पर जाने पर जिन मरीजों के ऑपरेशन रखे गए थे उन्हें टाल दिया गया। मरीजों को अब ऑपरेशन के लिए अगली तारीख का इंतजार करना पडेगा। इसके अलावा कई सीएचसी और पीएचसी में भी चिकित्सक के अवकाश पर जाने पर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिली, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में पर्ची काउंटर भी पूरी तरह से बंद रहा। क्षेत्र के लोगों को कहना है कि इस मामले को प्रदेश सरकार को जल्द समाधान निकलना चाहिए। मामले का समाधान न होने से इसके बाद भी अगर आगे भी चिकित्सक सामूहिक अवकाश में जाएंगे तो लोगों को और ज्यादा परेशान होना पड़ सकता है। वहीं चिकित्सकों की मांग है कि डॉ. राघव निरूला के खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई को निरस्त किया जाए, अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा व्यवस्था करें और इंदिरा गांधी चिकित्सा परिसर के भीतर भीड़ की ओर से डराने धमकाने, ट्रायल की गंभीर घटना के मामले पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर हो।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। आईजीएमसी शिमला में चिकित्सक की बर्खास्तगी के विरोध में क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में शनिवार को दूसरे दिन भी ओपीडी सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। अस्पताल में आपातकालीन ओपीडी को छोड़कर सभी ओपीडी बंद होने से अस्पताल के बाहर कम ही लोग दिखे। वहीं आपातकालीन ओपीडी में लोग इलाज कराने पहुंचे।
इस दौरान आपातकालीन ओपीडी में सिर्फ गंभीर मरीजों को ही देखा गया। अन्य लोगों को वहां से वापिस जाना पड़ा। चिकित्सकों के दूसरे दिन भी सामूहिक अवकाश पर जाने पर जिन मरीजों के ऑपरेशन रखे गए थे उन्हें टाल दिया गया। मरीजों को अब ऑपरेशन के लिए अगली तारीख का इंतजार करना पडेगा। इसके अलावा कई सीएचसी और पीएचसी में भी चिकित्सक के अवकाश पर जाने पर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिली, जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा। अस्पताल में पर्ची काउंटर भी पूरी तरह से बंद रहा। क्षेत्र के लोगों को कहना है कि इस मामले को प्रदेश सरकार को जल्द समाधान निकलना चाहिए। मामले का समाधान न होने से इसके बाद भी अगर आगे भी चिकित्सक सामूहिक अवकाश में जाएंगे तो लोगों को और ज्यादा परेशान होना पड़ सकता है। वहीं चिकित्सकों की मांग है कि डॉ. राघव निरूला के खिलाफ टर्मिनेशन की कार्रवाई को निरस्त किया जाए, अस्पतालों में चिकित्सकों की सुरक्षा व्यवस्था करें और इंदिरा गांधी चिकित्सा परिसर के भीतर भीड़ की ओर से डराने धमकाने, ट्रायल की गंभीर घटना के मामले पर दोषियों के खिलाफ एफआईआर हो।
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