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Bilaspur News: बेंच पर कराहता रहा मरीज, पीएचसी पर लटका ताला

Sun, 30 Jun 2024 11:30 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jun 2024 11:30 PM IST
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Patient kept moaning on the bench, PHC was locked
पीएचसी कलोल में चिकित्सक का पद खाली होने से लोग परेशान
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-सप्ताह में दो दिन अन्य केंद्रों से जांच के लिए आता है एक चिकित्सक
-डेढ़ दर्जन से अधिक पंचायतों के लोग पीएचसी कलोल पर निर्भर

संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता (बिलासपुर)। कोटधार क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलोल में चिकित्सक न होने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को मधुमक्खियों के हमले से घायल व्यक्ति पीएचसी के बाहर बेंच पर कराहता रहा, लेकिन पीएचसी में ताला लगा हुआ था। पिछले करीब चार माह से स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक का पद खाली चल रहा है।
सरकार लोगों को घर द्वार स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दावे तो करती है, लेकिन यहां पर लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलोल भी इसी का एक उदाहरण है। रविवार सिल्ह गांव के अनंत राम को काम करते समय मधुमक्खियों ने काट लिया। घर तक एंबुलेंस की सुविधा न होने के कारण अनंत राम घर से पैदल रास्ते से होकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलोल पहुंचा। पीएचसी में ताला लटका हुआ था। वह बेहोश होकर बैंच पर ही लेट गया। इतने में वहां पर एक स्थानीय व्यक्ति आया और स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर फार्मासिस्ट और नर्स को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन वहां पर कोई भी मौजूद नहीं था। उन्होंने अनंत राम को वहां से उठा कर एक निजी कैमिस्ट से उपचार करवाया। कोटधार इलाके में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी लोगों के जीवन पर विपरीत प्रभाव डाल रही है। स्वास्थ्य केंद्र में कार्य दिवस पर सुबह साढ़े 9 बजे से शाम 4 बजे तक ही चिकित्सक से स्वास्थ्य जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध होती है। क्षेत्र के हजारों लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरान करने वाली बात है कि कई महीनों से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक की तैनाती नहीं है। यहां सप्ताह में दो दिन अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से आकर चिकित्सक लोगों का स्वास्थ्य देखता है। ऐसे में क्षेत्र के लोग इलाज करवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झंडूता या फिर अन्य अस्पतालों को जाने के लिए मजबूर हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलोल पर करीब डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायतों के करीब 50 हजार लोगों के स्वास्थ्य का जिम्मा है। स्थानीय लोगों में कैप्टन राकेश कुमार, नरेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह, विजय राम, बबली देवी, ओंकार सिंह और बलबीर सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलोल में 24 घंटे लोगों को इलाज की सुविधा उपलब्ध करवाने की सरकार से मांग की है।
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कोट

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कलोल में खाली पड़े चिकित्सक के पद को भरने और स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति के बारे में विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
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- डॉ. परविंद्र सिंह, खंड चिकित्सा अधिकारी झंडूता
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