{"_id":"69ef60c557808b7f160c04c7","slug":"parking-is-the-biggest-issue-in-bilaspur-municipal-council-elections-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-158800-2026-04-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: बिलासपुर नगर परिषद चुनाव में पार्किंग का मुद्दा सबसे बड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: बिलासपुर नगर परिषद चुनाव में पार्किंग का मुद्दा सबसे बड़ा
Mon, 27 Apr 2026 11:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 27 Apr 2026 11:39 PM IST
विज्ञापन
अमित सूरी।
निकाय चुनाव मु्द्दा
शहर में हैं ढाई हजार से ज्यादा वाहन पर व्यवस्था कमजोर
अधूरी बहुमंजिला पार्किंग, सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी करने को मजबूर लोग
मुख्यालय आने वाले हजारों लोगों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नगर परिषद चुनाव के बीच शहर की सबसे बड़ी और लंबे समय से चली आ रही समस्या पार्किंग है जो अब सबसे अहम चुनावी मुद्दा बन गई है। शहर में ट्रकों और छोटी गाड़ियों को मिलाकर ढाई हजार से ज्यादा वाहन हैं, जबकि इसके मुकाबले पार्किंग की व्यवस्था बेहद सीमित और अव्यवस्थित है। वहीं शहर के 11 वार्ड में मुश्किल से 225 गाड़ियों को पार्क करने की सुविधा है।
गुरुद्वारा चौक के पास बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण वर्षों पहले शुरू हुआ था, लेकिन यह आज भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है। निर्माण कार्य अधूरा रहने और देरी के कारण इसका लाभ आम लोगों तक नहीं मिल पाया है। शहर के प्रमुख व्यावसायिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में पार्किंग की कोई ठोस व्यवस्था न होने से वाहन सड़कों के किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े किए जा रहे हैं। गांधी मार्केट, मेन मार्केट, चेतना चौक, बस अड्डा और कॉलेज चौक जैसे क्षेत्रों में हर दिन लोग परेशान होते हैं। स्थिति यह है कि बाजार आने वाले लोग पार्किंग न मिलने पर मजबूरी में वाहन सड़क के किनारे, निजी और सरकारी कार्यालयों के बाहर खड़ा कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है। चुनाव के दौरान यह मुद्दा पूरी तरह राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। प्रत्याशी हर चुनाव में इस समस्या के समाधान के वादे तो करते हैं, लेकिन चुनावों के बाद वो भूल जाते हैं।
इनसेट
पार्किंग की समस्या सीधे हमारे कारोबार को प्रभावित कर रही है। ग्राहक बाजार तक पहुंचते हैं लेकिन जाम और पार्किंग की कमी के कारण कई बार लौट जाते हैं। वर्षों से योजना बनती रही, लेकिन जमीन पर स्थिति नहीं बदली। अब जरूरत सिर्फ वादों की नहीं, काम की है। - अमित सूरी
विज्ञापन
इनसेट
बाजार जाना अब आसान नहीं रहा। हर जगह गाड़ियां खड़ी रहती हैं और पैदल चलने तक की जगह नहीं मिलती। बच्चों और बुजुर्गों के साथ जाना तो और भी मुश्किल हो गया है। पार्किंग की सही व्यवस्था शहर की सबसे बड़ी जरूरत है। - ईशान गौतम
इनसेट
हर चुनाव में पार्किंग और जाम की बात होती है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं। गुरुद्वारा चौक की पार्किंग अधूरी है, जिससे साफ है कि काम की रफ्तार कितनी धीमी है। अब जनता जवाब मांग रही है। - संदीप सांख्यान
कोट
गुरूद्वारा पार्किंग को अभी लोक निर्माण विभाग ने नगर परिषद को हैंडओवर नहीं किया है। इसके तैयार होने के बाद इसे शुरू किया जाएगा। शहर के अलग-अलग वार्ड में 225 वाहनों की पार्किंग है। समस्या के समाधान पर काम किया जा रहा है। - वर्षा चौधरी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद बिलासपुर
विज्ञापन
शहर में हैं ढाई हजार से ज्यादा वाहन पर व्यवस्था कमजोर
अधूरी बहुमंजिला पार्किंग, सड़क किनारे गाड़ियां खड़ी करने को मजबूर लोग
मुख्यालय आने वाले हजारों लोगों को करना पड़ता है परेशानी का सामना
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। नगर परिषद चुनाव के बीच शहर की सबसे बड़ी और लंबे समय से चली आ रही समस्या पार्किंग है जो अब सबसे अहम चुनावी मुद्दा बन गई है। शहर में ट्रकों और छोटी गाड़ियों को मिलाकर ढाई हजार से ज्यादा वाहन हैं, जबकि इसके मुकाबले पार्किंग की व्यवस्था बेहद सीमित और अव्यवस्थित है। वहीं शहर के 11 वार्ड में मुश्किल से 225 गाड़ियों को पार्क करने की सुविधा है।
गुरुद्वारा चौक के पास बहुमंजिला पार्किंग का निर्माण वर्षों पहले शुरू हुआ था, लेकिन यह आज भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है। निर्माण कार्य अधूरा रहने और देरी के कारण इसका लाभ आम लोगों तक नहीं मिल पाया है। शहर के प्रमुख व्यावसायिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में पार्किंग की कोई ठोस व्यवस्था न होने से वाहन सड़कों के किनारे बेतरतीब तरीके से खड़े किए जा रहे हैं। गांधी मार्केट, मेन मार्केट, चेतना चौक, बस अड्डा और कॉलेज चौक जैसे क्षेत्रों में हर दिन लोग परेशान होते हैं। स्थिति यह है कि बाजार आने वाले लोग पार्किंग न मिलने पर मजबूरी में वाहन सड़क के किनारे, निजी और सरकारी कार्यालयों के बाहर खड़ा कर देते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है और पैदल चलने वालों को भी परेशानी होती है। चुनाव के दौरान यह मुद्दा पूरी तरह राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। प्रत्याशी हर चुनाव में इस समस्या के समाधान के वादे तो करते हैं, लेकिन चुनावों के बाद वो भूल जाते हैं।
विज्ञापन
इनसेट
पार्किंग की समस्या सीधे हमारे कारोबार को प्रभावित कर रही है। ग्राहक बाजार तक पहुंचते हैं लेकिन जाम और पार्किंग की कमी के कारण कई बार लौट जाते हैं। वर्षों से योजना बनती रही, लेकिन जमीन पर स्थिति नहीं बदली। अब जरूरत सिर्फ वादों की नहीं, काम की है। - अमित सूरी
विज्ञापन
इनसेट
बाजार जाना अब आसान नहीं रहा। हर जगह गाड़ियां खड़ी रहती हैं और पैदल चलने तक की जगह नहीं मिलती। बच्चों और बुजुर्गों के साथ जाना तो और भी मुश्किल हो गया है। पार्किंग की सही व्यवस्था शहर की सबसे बड़ी जरूरत है। - ईशान गौतम
इनसेट
हर चुनाव में पार्किंग और जाम की बात होती है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही सब भूल जाते हैं। गुरुद्वारा चौक की पार्किंग अधूरी है, जिससे साफ है कि काम की रफ्तार कितनी धीमी है। अब जनता जवाब मांग रही है। - संदीप सांख्यान
कोट
गुरूद्वारा पार्किंग को अभी लोक निर्माण विभाग ने नगर परिषद को हैंडओवर नहीं किया है। इसके तैयार होने के बाद इसे शुरू किया जाएगा। शहर के अलग-अलग वार्ड में 225 वाहनों की पार्किंग है। समस्या के समाधान पर काम किया जा रहा है। - वर्षा चौधरी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद बिलासपुर

अमित सूरी।

अमित सूरी।

अमित सूरी।

अमित सूरी।