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टिक टॉक बंद होने से अभिभावक खुश, बच्चे मायूस

Tue, 30 Jun 2020 10:36 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2020 10:36 PM IST
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parents happy to delete tick tak app
बिलासपुर। टिक टॉक बंद होने से जहां अभिभावकों में खुशी है वहीं, बच्चों में मायूसी छा गई है। जिले के बुद्धिजीवियों ने चीन के ऐप बंद करने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत किया है।
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अभिभावकों का कहना है कि कई चीनी ऐप पर बच्चे अपना समय व्यर्थ कर रहे थे। जिससे उनकी पढ़ाई का नुकसान तो हो ही रहा था, साथ में मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने के कारण उनकी आंखें भी खराब हो रही थीं। बच्चों ने ऑनलाइन गेम के कारण बाहर खेलना कूदना भी बंद कर दिया था और खुद को एक कमरे में बंद कर रखते थे। अब ऐप बंद होने से जहां चीन को आर्थिक रूप से धक्का लगा है वहीं, बच्चे भी धीरे धीरे अपने पहले के रूटीन में लौटेंगे। अभिभावक मधुर मोहन, निशा चंदेल, मनोज चंदेल, ममता राणा, राजकुमार, परमा देवी, सुशील शर्मा, सुनील शर्मा सहित अन्यों ने सरकार के इस फैसले के लिए आभार जताया है।
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जिला के बुद्धिजीवियों का कहना है कि इससे चीनी ऐप को संचालित करने वाली कंपनियों और खुद चीन को भी बड़ा आर्थिक नुकसान होगा। इंजीनियर अंकुल गौतम बताते हैं कि एक रिपोर्ट के अनुसार अकेले टिक टॉक बंद होने से ही कंपनी को लगभग 100 करोड़ की चपत लगने वाली है। इस हिसाब से अन्य 58 ऐप्स बंद होने से चीन को बड़ा झटका लगेगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट में बतौर अधिवक्ता कार्य कर रहे सुमन ठाकुर ने कहा कि टिक टॉक ने देश को बहुत बर्बाद किया है। अब सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह इस प्रकार की किसी और ऐप को मंजूरी न दे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य है।
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