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Bilaspur News: चिकित्सकों की पेन डाउन हड़ताल जारी, इलाज को भटक रहे मरीज
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चिकित्सकों की पेन डाउन हड़ताल जारी, हर दिन लोग हो रहे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/घुमारवीं। जिले में चिकित्सकों की ढाई घंटे पेनडाउन हड़ताल जारी है। मंगलवार को भी चिकित्सक 12 बजे के बाद ही ओपीडी में पहुंचे। हालांकि इस दौरान आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं।
जिले के अस्पतालों में लोगों को पर्ची बवनाने के बाद 12 बजे तक चिकित्सकों की राह देखने की अब आदत सी पड़ गई है। मांगों को लेकर लंबे समय से चिकित्सक हर दिन ढाई घंटे हड़ताल कर रहे हैं। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्ची बनवाने के बाद मरीज 12 बजे तक इलाज के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं। एक ओर जहां सरकार चिकित्सकों की सुनने को तैयार नहीं है। वहीं चिकित्सक भी मांगों पर अड़े हुए हैं। एनपीए की प्रमुख मांग सहित अन्य मांगों को लेकर संघर्षरत प्रदेश सहित जिले के चिकित्सकों का रोष बढ़ता जा रहा है। चिकित्सकों के इस आंदोलन को करीब दो माह का समय होने वाला है, लेकिन उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। ढाई घंटे की पेनडाउन हड़ताल के कारण ओपीडी पूर्णता बंद रहती है। दोपहर 12:00 बजे के बाद ही मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो पाती हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर/घुमारवीं। जिले में चिकित्सकों की ढाई घंटे पेनडाउन हड़ताल जारी है। मंगलवार को भी चिकित्सक 12 बजे के बाद ही ओपीडी में पहुंचे। हालांकि इस दौरान आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं।
जिले के अस्पतालों में लोगों को पर्ची बवनाने के बाद 12 बजे तक चिकित्सकों की राह देखने की अब आदत सी पड़ गई है। मांगों को लेकर लंबे समय से चिकित्सक हर दिन ढाई घंटे हड़ताल कर रहे हैं। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्ची बनवाने के बाद मरीज 12 बजे तक इलाज के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं। एक ओर जहां सरकार चिकित्सकों की सुनने को तैयार नहीं है। वहीं चिकित्सक भी मांगों पर अड़े हुए हैं। एनपीए की प्रमुख मांग सहित अन्य मांगों को लेकर संघर्षरत प्रदेश सहित जिले के चिकित्सकों का रोष बढ़ता जा रहा है। चिकित्सकों के इस आंदोलन को करीब दो माह का समय होने वाला है, लेकिन उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जा रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती हैं, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। ढाई घंटे की पेनडाउन हड़ताल के कारण ओपीडी पूर्णता बंद रहती है। दोपहर 12:00 बजे के बाद ही मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो पाती हैं।
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