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Bilaspur News: बाहरी व्यापारी मेला मैदान में छोड़ गए कूड़े के ढेर
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- नगर परिषद और लोगों के लिए सिरदर्द बन रहा कूड़ा
-सीमेंट कंपनी ने सूखा कूड़ा लेना किया बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं के पांच दिवसीय ग्रीष्मोत्सव के समापन के दो सप्ताह बाद मेला मैदान में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। करीब एक सप्ताह पहले मेले में बाहरी राज्यों से आए व्यापारी अपनी दुकानें समेट कर तो चले गए, लेकिन शहर के लोगों के लिए इन कूड़े के ढेर को छोड़ गए। हालात यह हैं कि मेला मैदान कूड़े के ढेर में बदल चुका है।
एक ओर नगर परिषद शहर के लोगों से ही सूखा कूड़ा नहीं ले पा रहा है। वहीं मेले में इकट्ठा हुआ यह कूड़ा प्रशासन और लोगों का मुंह चिढ़ा रहा है। एक तरफ तो शहर के लोग सूखा कूड़ा न लेने के कारण परेशान हैं। इस कारण शहर की मुख्य सड़कों पर कूड़े के ढेर नजर आने लगे हैं। दूसरी ओर मेले में इकट्ठा हुआ यह कूड़ा नगर परिषद के लिए मुसीबत बन गया है। बता दें कि घुमारवीं नगर परिषद ने घर-घर से सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग ले जाने की योजना शुरू की थी। इसमें गीला कूड़ा नगर परिषद द्वारा पिग फार्म और सूखा कूड़ा एसीसी सीमेंट फैक्टरी बरमाणा में निष्पादन के लिए भेजा जाता है, लेकिन कुछ समय से फैक्टरी द्वारा कूड़ा लेने से मना कर दिया गया है। यही कारण है कि नगर परिषद कुछ दिनों से लोगों से ही सूखा कूड़ा नहीं ले पा रही है। लोगों के घरों में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। अभी नगर परिषद उसका ही निपटारा नहीं कर पा रही थी कि मेले में आए व्यापारियों द्वारा छोड़े गए यह कूड़े के ढेर सिर दर्द बन गए हैं। हालांकि पिछले कई साल से घुमारवीं क्षेत्र में कूड़ा संयंत्र बनाए जाने की मांग उठती रही है। यह कूड़ा संयंत्र की योजना आज तक नहीं बन पाई। यही कारण है कि आज शहर का कूड़ा घुमारवीं के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है।
कोट
शहर का सूखा कूड़ा बरमाणा सीमेंट फैक्टरी भेजा जाता है। पिछले कुछ समय से फैक्टरी ने कूड़ा लेना बंद किया है। साथ ही घुमारवीं में आयोजित होने वाले ग्रीष्मोत्सव के बाद काफी मात्रा में कूड़ा इकट्ठा हो गया है। इसकी कई बार शिकायत आई है। हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द इस कूड़े का निपटारा किया जाए।
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-रीता सहगल, अध्यक्ष, नगर परिषद, घुमारवीं
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-सीमेंट कंपनी ने सूखा कूड़ा लेना किया बंद
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं के पांच दिवसीय ग्रीष्मोत्सव के समापन के दो सप्ताह बाद मेला मैदान में कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। करीब एक सप्ताह पहले मेले में बाहरी राज्यों से आए व्यापारी अपनी दुकानें समेट कर तो चले गए, लेकिन शहर के लोगों के लिए इन कूड़े के ढेर को छोड़ गए। हालात यह हैं कि मेला मैदान कूड़े के ढेर में बदल चुका है।
एक ओर नगर परिषद शहर के लोगों से ही सूखा कूड़ा नहीं ले पा रहा है। वहीं मेले में इकट्ठा हुआ यह कूड़ा प्रशासन और लोगों का मुंह चिढ़ा रहा है। एक तरफ तो शहर के लोग सूखा कूड़ा न लेने के कारण परेशान हैं। इस कारण शहर की मुख्य सड़कों पर कूड़े के ढेर नजर आने लगे हैं। दूसरी ओर मेले में इकट्ठा हुआ यह कूड़ा नगर परिषद के लिए मुसीबत बन गया है। बता दें कि घुमारवीं नगर परिषद ने घर-घर से सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग ले जाने की योजना शुरू की थी। इसमें गीला कूड़ा नगर परिषद द्वारा पिग फार्म और सूखा कूड़ा एसीसी सीमेंट फैक्टरी बरमाणा में निष्पादन के लिए भेजा जाता है, लेकिन कुछ समय से फैक्टरी द्वारा कूड़ा लेने से मना कर दिया गया है। यही कारण है कि नगर परिषद कुछ दिनों से लोगों से ही सूखा कूड़ा नहीं ले पा रही है। लोगों के घरों में कूड़े के ढेर लगने शुरू हो गए हैं। अभी नगर परिषद उसका ही निपटारा नहीं कर पा रही थी कि मेले में आए व्यापारियों द्वारा छोड़े गए यह कूड़े के ढेर सिर दर्द बन गए हैं। हालांकि पिछले कई साल से घुमारवीं क्षेत्र में कूड़ा संयंत्र बनाए जाने की मांग उठती रही है। यह कूड़ा संयंत्र की योजना आज तक नहीं बन पाई। यही कारण है कि आज शहर का कूड़ा घुमारवीं के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गया है।
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कोट
शहर का सूखा कूड़ा बरमाणा सीमेंट फैक्टरी भेजा जाता है। पिछले कुछ समय से फैक्टरी ने कूड़ा लेना बंद किया है। साथ ही घुमारवीं में आयोजित होने वाले ग्रीष्मोत्सव के बाद काफी मात्रा में कूड़ा इकट्ठा हो गया है। इसकी कई बार शिकायत आई है। हम कोशिश कर रहे हैं कि जल्द से जल्द इस कूड़े का निपटारा किया जाए।
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-रीता सहगल, अध्यक्ष, नगर परिषद, घुमारवीं