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उपलब्धियां भरा रहा सरकार का एक साल : राजेश धर्माणी
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- मंत्री ने घुमारवीं में सुनी लोगों की समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसीघुमारवीं(बिलासपुर)। प्रदेश सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का एक वर्ष उपलब्धियां भरा रहा है। अनाथ बच्चों और बेसहारा वर्ग के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया। उक्त बातें मंत्री राजेश धर्माणी ने रविवार को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह घुमारवीं में कहीं।
विधानसभा शीत सत्र के बाद मंत्री राजेश धर्माणी रविवार को घुमारवीं विश्रामगृह पहुंचे। इस दौरान मंत्री लोगों से मिले और उनकी समस्याओं को सुना। इस मौके पर लोगों ने मंत्री बनने पर राजेश धर्माणी को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मंत्री कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया और कुछ समस्याओं को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। इस मौके पर राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का एक वर्ष उपलब्धियां भरा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने शपथ ग्रहण के बाद ही सुख आश्रय योजना की घोषणा की। अनाथ बच्चों और बेसहारा वर्ग के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के करीब 4 हजार से अधिक अनाथ बच्चे चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट भी घोषित किए गए। योजना के अंतर्गत 27 वर्ष तक के अनाथ बच्चों को 4 हजार रुपये मासिक, पॉकेट मनी, कोचिंग के लिए एक लाख रुपये, स्वरोजगार के लिए लघु और सूक्ष्म उद्योग लगाने के लिए 2 लाख रुपये, अनाथ बच्चों को 2 से 3 बिस्वा भूमि और मकान निर्माण के लिए 3 लाख रुपये, अनाथ लड़कियों के विवाह के लिए 2 लाख रुपये के अनुदान का भी प्रावधान किया गया। इसके बाद प्रदेश सरकार ने अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया। इस कदम से प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों को सामाजिक आर्थिक सुरक्षा और आत्म सम्मान लौटाया है।
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संवाद न्यूज एजेंसीघुमारवीं(बिलासपुर)। प्रदेश सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का एक वर्ष उपलब्धियां भरा रहा है। अनाथ बच्चों और बेसहारा वर्ग के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया। उक्त बातें मंत्री राजेश धर्माणी ने रविवार को लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह घुमारवीं में कहीं।
विधानसभा शीत सत्र के बाद मंत्री राजेश धर्माणी रविवार को घुमारवीं विश्रामगृह पहुंचे। इस दौरान मंत्री लोगों से मिले और उनकी समस्याओं को सुना। इस मौके पर लोगों ने मंत्री बनने पर राजेश धर्माणी को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान मंत्री कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया और कुछ समस्याओं को पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए। इस मौके पर राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार के व्यवस्था परिवर्तन का एक वर्ष उपलब्धियां भरा रहा है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सुक्खू ने शपथ ग्रहण के बाद ही सुख आश्रय योजना की घोषणा की। अनाथ बच्चों और बेसहारा वर्ग के लिए कानून बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बना। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के करीब 4 हजार से अधिक अनाथ बच्चे चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट भी घोषित किए गए। योजना के अंतर्गत 27 वर्ष तक के अनाथ बच्चों को 4 हजार रुपये मासिक, पॉकेट मनी, कोचिंग के लिए एक लाख रुपये, स्वरोजगार के लिए लघु और सूक्ष्म उद्योग लगाने के लिए 2 लाख रुपये, अनाथ बच्चों को 2 से 3 बिस्वा भूमि और मकान निर्माण के लिए 3 लाख रुपये, अनाथ लड़कियों के विवाह के लिए 2 लाख रुपये के अनुदान का भी प्रावधान किया गया। इसके बाद प्रदेश सरकार ने अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया। इस कदम से प्रदेश के 1.36 लाख कर्मचारियों को सामाजिक आर्थिक सुरक्षा और आत्म सम्मान लौटाया है।
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