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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   On the orders of Shri Ram, Sugreeva challenged Bali, and a war broke out between the two brothers.

Bilaspur News: श्रीराम के आदेश पर सुग्रीव ने बाली को दी चुनौती, दोनों भाइयों के बीच हुआ युद्ध

Sun, 28 Sep 2025 11:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 28 Sep 2025 11:34 PM IST
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On the orders of Shri Ram, Sugreeva challenged Bali, and a war broke out between the two brothers.
घुमारवीं रामलीला की छठी संध्या में अशोक वाटिका  में रावण और सीता के बीच वार्तालाव का दृश्य। सं
घुमारवीं रामलीला में बाली दरबार के दृश्य से हुई छठी संध्या की शुरुआत
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तारा की भूमिका निभा रहे अभिषेक राणा ने गाया जाग मेरे सिर दे साईयां गीत

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। रामलीला मैदान घुमारवीं में शनिवार रात को छठी संध्या का भव्य मंचन हुआ ,जिसने दर्शकों को भक्ति और नाट्य कला के अद्भुत संगम से मंत्रमुग्ध कर दिया। संध्या की शुरुआत बाली दरबार के दृश्य से हुई। प्रभु श्रीराम के आदेश पर सुग्रीव ने बाली को चुनौती दी और दोनों भाइयों के बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया।
प्रारंभिक युद्ध में दोनों भाइयों की समान आकृति के कारण राम जी बाण नहीं चला पाए, जिससे सुग्रीव बाली के प्रहारों से घायल होकर पीछे हट गए। राम के पास पहुंचकर उन्होंने अपनी व्यथा सुनाई। राम ने उन्हें पहचानने के लिए माला पहनाकर दोबारा युद्ध के लिए भेजा। सुग्रीव के आह्वान पर बाली ने क्रोध में आकर युद्ध जारी रखा। पत्नी तारा ने उन्हें रोकने का हर प्रयास किया, लेकिन बाली ने न मानी और अंत में धर्म की स्थापना करते हुए राम के बाण से मारा गया। तारा की भूमिका निभा रहे अभिषेक राणा ने जाग मेरे सिर दे साईयां गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इसके बाद, राम ने हनुमान को सीता माता की खोज में भेजा। हनुमान अशोक वाटिका पहुंचे और रावण को सीता माता को डराते-धमकाते देखा, जिससे उन्हें आश्चर्य हुआ। माता सीता ने रावण के हर प्रयास को नकार दिया। रावण के जाने के बाद हनुमान ने सीता माता से भेंट की और राम द्वारा दी गई मुद्रिका उन्हें सौंपी। मुद्रिका पहचानते ही सीता माता ने हनुमान को अजर-अमर होने का आशीर्वाद दिया।
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भूख लगने पर हनुमान ने राक्षसों की परवाह न करते हुए पूरी अशोक वाटिका को उजाड़ दिया। सूचना मिलते ही रावण ने पहले अक्षय कुमार को भेजा, जो हनुमान के हाथों मारा गया। फिर मेघनाद ने हनुमान को नागपाश में बांधकर रावण दरबार में प्रस्तुत किया। अंतिम दृश्य में हनुमान और रावण के बीच हुई तकरार ने दर्शकों से तालियों की गड़गड़ाहट लूट ली। रामलीला के कलाकारों ने अपनी-अपनी भूमिकाओं में पूरी निष्ठा दिखाई। इसमें ज्योति प्रसाद (रावण), अरविंद (बाली), जगन्नाथ राणा (सुग्रीव), सुरेश धीमान (हनुमान), अभिषेक राणा (तारा), केतन (अंगद), मानसिंह (अक्षय कुमार), आशीष (मेघनाद) और विशाल शर्मा (सीता) शामिल रहे। दर्शक पूरी संध्या रोमांच और भावनाओं से सराबोर रहे और कलाकारों के उत्साह वर्धन में कोई कमी नहीं छोड़ी। इस अवसर पर शहर के व्यवसायी रजत सोनी, विनोद सोनी ने रामलीला दरबार में पहुंचकर भगवान राम का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचे।
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