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शारदीय नवरात्रों के पहले दिन श्री नयना देवी जी में 15 हजार ने नवाया शीश
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शारदीय नवरात्री के पहले दिन श्री नयना देवी जी में दर्शनों के लिए पहुंचे श्रद्घालु
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर/श्री नयना देवी जी(बिलासपुर)। विश्व विख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी में शारदीय नवरात्र के पहले दिन 15 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। मंदिर में सुबह की आरती और मंत्रोच्चारण के साथ नवरात्र का शुभारंभ किया गया।
वीरवार सुबह चार बजे ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। वहीं, शाम छह बजे तक लगातार मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा रहा।
51 शक्तिपीठों में से एक श्री नयना देवी शक्तिपीठ सदियों से श्रद्धालुओं की श्रद्धा का प्रतीक है। यहां पर आये दिन देश विदेश से मां के भक्त दर्शनों के लिए पहुंचते हैं, लेकिन नवरात्र में इस मंदिर की शोभा देखते ही बनती है। शारदीय नवरात्र के लिए मंदिर और जिला प्रशासन ने कोरोना से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मंदिर में पुख्ता प्रबंध कर रखे हैं। हालांकि पहले दिन मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने से शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो सका, लेकिन मंदिर प्रशासन समय-समय पर मंदिर परिसर को सैनिटाइज करता रहा। वहीं, आरटीपीसीआर, रैपिड टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट और वैक्सीन की दोनों डोज का प्रमाण पत्र दिखाने पर ही श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए गए। इसके अलावा जिनके पास कोई भी रिपोर्ट नहीं थी, उनका मौके पर टेस्ट कर उसे दर्शनों के लिए भेजा गया।
मंदिर अधिकारी विजय गौतम ने बताया कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन मंदिर में सफाई व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ी हर चीज का पूरा ख्याल रखा गया। कहा कि पहले दिन दिल्ली, लुधियाना, चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू, राजस्थान और अन्य राज्यों से श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे। वहीं मंदिर में हवन शुरू हो गया है, लेकिन श्रद्धालु सिर्फ हवनकुंड के पास खड़े होकर ही आहुति डाल सकते हैं। बैठकर हवन करने की अनुमति नहीं है।
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वीरवार सुबह चार बजे ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। वहीं, शाम छह बजे तक लगातार मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ा रहा।
51 शक्तिपीठों में से एक श्री नयना देवी शक्तिपीठ सदियों से श्रद्धालुओं की श्रद्धा का प्रतीक है। यहां पर आये दिन देश विदेश से मां के भक्त दर्शनों के लिए पहुंचते हैं, लेकिन नवरात्र में इस मंदिर की शोभा देखते ही बनती है। शारदीय नवरात्र के लिए मंदिर और जिला प्रशासन ने कोरोना से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए मंदिर में पुख्ता प्रबंध कर रखे हैं। हालांकि पहले दिन मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने से शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो सका, लेकिन मंदिर प्रशासन समय-समय पर मंदिर परिसर को सैनिटाइज करता रहा। वहीं, आरटीपीसीआर, रैपिड टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट और वैक्सीन की दोनों डोज का प्रमाण पत्र दिखाने पर ही श्रद्धालुओं को दर्शन करवाए गए। इसके अलावा जिनके पास कोई भी रिपोर्ट नहीं थी, उनका मौके पर टेस्ट कर उसे दर्शनों के लिए भेजा गया।
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मंदिर अधिकारी विजय गौतम ने बताया कि शारदीय नवरात्र के पहले दिन मंदिर में सफाई व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ी हर चीज का पूरा ख्याल रखा गया। कहा कि पहले दिन दिल्ली, लुधियाना, चंडीगढ़, पंजाब, जम्मू, राजस्थान और अन्य राज्यों से श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे। वहीं मंदिर में हवन शुरू हो गया है, लेकिन श्रद्धालु सिर्फ हवनकुंड के पास खड़े होकर ही आहुति डाल सकते हैं। बैठकर हवन करने की अनुमति नहीं है।
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