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शिक्षकों की कमी को लेकर प्राथमिक स्कूल शिक्षक संघ ने रोष किया प्रकट
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No teacher in 90 schools of the district
बिलासपुर। प्राथमिक स्कूल शिक्षक संघ ने स्कूलों में चल रही शिक्षकों की कमी को लेकर रोष जताया है। संघ ने शुक्रवार को बिलासपुर में पत्रकार वार्ता कर इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया।
संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि जिले में करीब 200 स्कूल ऐसे है जिनमें केवल एक अध्यापक है। साथ ही 90 स्कूल ऐसे हैं जहां पर कोई अध्यापक नहीं है। सरकार इन स्कूलों में प्रति नियुक्तियों पर निर्भर है। जिले में जेबीटी के 300 पद खाली हैं। हालांकि, कमीशन की ओर से 617 पद भरे जा रहे हैं। इसमें से बिलासपुर के लिए केवल 68 पद हैं। इसके बाद जिले में 232 पद रिक्त फिर से रह जाएंगे। साथ ही अध्यापक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जिसके कारण स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो रही है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी के बावजूद सरकार चुनावों में प्राथमिक स्कूलों के अध्यापकों को जिम्मेदारी दे रही है। वर्तमान में 432 नर्सरी कक्षाएं जिले में चल रही हैं। इसके लिए केंद्र सरकार कि दो वर्षों से करोड़ों का बजट आ रहा है। लेकिन सरकार उसका उपयोग नहीं कर पाई है। उन्होंने मांग रखी कि अध्यापकों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था को बढ़ना चाहिए।
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शिक्षक संघ ने सुझाव दिया कि अध्यापकों की नियुक्ति के लिए सरकार एसएमसी को अधिकार दे। ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी जल्द पूरी हो। सरकार अध्यापकों की नियुक्ति के लिए आउटसोर्स की प्रणाली अपना रही है। इसका शिक्षक संघ पूर्ण विरोध करता है। इस मौके पर रणजीत सिंह ठाकुर, बांके बिहारी चंदेल, असुनील शर्मा, खूब सिंह मौजूद रहे।
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संघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा ने कहा कि जिले में करीब 200 स्कूल ऐसे है जिनमें केवल एक अध्यापक है। साथ ही 90 स्कूल ऐसे हैं जहां पर कोई अध्यापक नहीं है। सरकार इन स्कूलों में प्रति नियुक्तियों पर निर्भर है। जिले में जेबीटी के 300 पद खाली हैं। हालांकि, कमीशन की ओर से 617 पद भरे जा रहे हैं। इसमें से बिलासपुर के लिए केवल 68 पद हैं। इसके बाद जिले में 232 पद रिक्त फिर से रह जाएंगे। साथ ही अध्यापक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। जिसके कारण स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो रही है।
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उन्होंने कहा कि शिक्षकों की कमी के बावजूद सरकार चुनावों में प्राथमिक स्कूलों के अध्यापकों को जिम्मेदारी दे रही है। वर्तमान में 432 नर्सरी कक्षाएं जिले में चल रही हैं। इसके लिए केंद्र सरकार कि दो वर्षों से करोड़ों का बजट आ रहा है। लेकिन सरकार उसका उपयोग नहीं कर पाई है। उन्होंने मांग रखी कि अध्यापकों की कमी को पूरा करने के लिए सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था को बढ़ना चाहिए।
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शिक्षक संघ ने सुझाव दिया कि अध्यापकों की नियुक्ति के लिए सरकार एसएमसी को अधिकार दे। ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी जल्द पूरी हो। सरकार अध्यापकों की नियुक्ति के लिए आउटसोर्स की प्रणाली अपना रही है। इसका शिक्षक संघ पूर्ण विरोध करता है। इस मौके पर रणजीत सिंह ठाकुर, बांके बिहारी चंदेल, असुनील शर्मा, खूब सिंह मौजूद रहे।