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Bilaspur News: दो उपमंडलों के केंद्र बिंदु बरठीं के लिए नहीं रात्रि बस सेवा
Thu, 12 Dec 2024 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Thu, 12 Dec 2024 11:30 PM IST
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- क्षेत्र के लोगों को रात में घुमारवीं, शाहतलाई से लेनी पड़ती है टैक्सी
- क्षेत्र के हजारों युवा बाहरी राज्यों में करते हैं नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं और झंडूता की करीब 25 पंचायतों का केंद्र बिंदु बरठीं कस्बा सरकार और हिमाचल पथ परिवहन निगम की बेरुखी का दंश कई साल से झेल रहा है।
बरठीं सहित आसपास के क्षेत्र की हजारों की आबादी के लिए रात 8 बजे के बाद रात्रि बस सेवा न होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बरठीं और आसपास की पंचायतों के हजारों युवा बद्दी, नालागढ़, परवाणू, चंडीगढ़, अंबाला, दिल्ली, लुधियाना और जालंधर में नौकरी कर रहे हैं। उन्हें आने-जाने के लिए रात्रि बस सेवा से महरूम रखा गया है। क्षेत्र के संजीव गौतम, आंचल, नरेश कुमार, अश्वनी कुमार, अनिल कुमार, दिनेश कुमार, राजेश कुमार, बलदेव दास, हरी सिंह, प्रकाश चंद, मदन लाल, दिनेश कौशल, सतीश कुमार सहित अन्य युवाओं ने बताया कि वर्तमान में बरठीं से अन्य राज्यों की ओर जाने वाली एक भी रात्रि बस सेवा नहीं है। जितना किराया उनका चंडीगढ़ और बद्दी से घुमारवीं तक का लगता है, उससे ज्यादा किराया घुमारवीं से बरठीं उनके घर तक पहुंचने का टैक्सी में लग जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि जब वह अमृतसर, लुधियाना और जम्मू से आते हैं तो रात्रि को बड़सर, मैहरे, शाहतलाई से बरठीं की ओर कोई भी बस न होने से परेशानी होती है। ग्रामीणों ने उक्त रूटों पर लोगों की समस्या को देखते हुए सरकार से बस चलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने सरकार को चेताया है कि यदि बरठीं को रात्रि बस सुविधा वंचित रखा तो आने वाले समय में सरकार को इसका दंश झेलना पड़ सकता है। क्योंकि शिमला और चंडीगढ़ से आने वाले यात्रियों को बिलासपुर या घुमारवीं से किराए की गाड़ी करनी पड़ती है। लुधियाना और जालंधर से आने वाले यात्रियों को मैहरे से बरठीं तक गाड़ी करनी पडती है।
कोट
हिमाचल पथ परिवहन निगम बिलासपुर के निरीक्षक राकेश परमार ने बताया कि बरठीं क्षेत्र की पंचायतें प्रस्ताव डालकर निगम को दें। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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- क्षेत्र के हजारों युवा बाहरी राज्यों में करते हैं नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं और झंडूता की करीब 25 पंचायतों का केंद्र बिंदु बरठीं कस्बा सरकार और हिमाचल पथ परिवहन निगम की बेरुखी का दंश कई साल से झेल रहा है।
बरठीं सहित आसपास के क्षेत्र की हजारों की आबादी के लिए रात 8 बजे के बाद रात्रि बस सेवा न होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बरठीं और आसपास की पंचायतों के हजारों युवा बद्दी, नालागढ़, परवाणू, चंडीगढ़, अंबाला, दिल्ली, लुधियाना और जालंधर में नौकरी कर रहे हैं। उन्हें आने-जाने के लिए रात्रि बस सेवा से महरूम रखा गया है। क्षेत्र के संजीव गौतम, आंचल, नरेश कुमार, अश्वनी कुमार, अनिल कुमार, दिनेश कुमार, राजेश कुमार, बलदेव दास, हरी सिंह, प्रकाश चंद, मदन लाल, दिनेश कौशल, सतीश कुमार सहित अन्य युवाओं ने बताया कि वर्तमान में बरठीं से अन्य राज्यों की ओर जाने वाली एक भी रात्रि बस सेवा नहीं है। जितना किराया उनका चंडीगढ़ और बद्दी से घुमारवीं तक का लगता है, उससे ज्यादा किराया घुमारवीं से बरठीं उनके घर तक पहुंचने का टैक्सी में लग जाता है। ग्रामीणों ने बताया कि जब वह अमृतसर, लुधियाना और जम्मू से आते हैं तो रात्रि को बड़सर, मैहरे, शाहतलाई से बरठीं की ओर कोई भी बस न होने से परेशानी होती है। ग्रामीणों ने उक्त रूटों पर लोगों की समस्या को देखते हुए सरकार से बस चलाने की मांग की है। ग्रामीणों ने सरकार को चेताया है कि यदि बरठीं को रात्रि बस सुविधा वंचित रखा तो आने वाले समय में सरकार को इसका दंश झेलना पड़ सकता है। क्योंकि शिमला और चंडीगढ़ से आने वाले यात्रियों को बिलासपुर या घुमारवीं से किराए की गाड़ी करनी पड़ती है। लुधियाना और जालंधर से आने वाले यात्रियों को मैहरे से बरठीं तक गाड़ी करनी पडती है।
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कोट
हिमाचल पथ परिवहन निगम बिलासपुर के निरीक्षक राकेश परमार ने बताया कि बरठीं क्षेत्र की पंचायतें प्रस्ताव डालकर निगम को दें। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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