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Bilaspur News: एक दौड़ने की जरूरत नहीं, एम्स में हाई-टेक डिजिटल साइकिल से होगी जांच

Mon, 02 Feb 2026 11:20 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Mon, 02 Feb 2026 11:20 PM IST
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No need to run, AIIMS will conduct tests using high-tech digital cycles
बैठकर टेस्ट से पता चलेगा दवाओं का असर और दिल का हाल
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भारी वजन और सांस के रोगियों के लिए आसान होगा स्ट्रेस टेस्ट
अत्याधुनिक एर्गो मीटर मशीन से सीधे कंप्यूटर पर मिलेगी रिपोर्ट
-फार्माकोलॉजी विभाग में दवाओं के क्लीनिकल ट्रायल, मानव शरीर की कार्यक्षमता पर होगा शोध

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। एम्स बिलासपुर के फार्माकोलॉजी विभाग में जल्द ही एक अत्याधुनिक डिजिटल बाइसिकल एर्गो मीटर स्थापित होने जा रहा है। यह मशीन न केवल रिसर्च की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि हिमाचल और आसपास के मरीजों के लिए सटीक इलाज सुनिश्चित करने में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।

अक्सर मरीजों को हृदय या सांस से जुड़ी दवाएं दी जाती हैं, लेकिन यह पता लगाना मुश्किल होता है कि मेहनत करते समय वे दवाएं कितनी कारगर हैं। इस डिजिटल साइकिल पर एक्सरसाइज के दौरान डॉक्टर रीयल-टाइम में देख पाएंगे कि दवा मरीज के स्टेमिना को कितना बढ़ा रही है। आमतौर पर भारी वजन वाले लोगों के लिए ट्रेडमिल पर दौड़ना मुश्किल और जोखिम भरा होता है। यह मशीन 200 किलो तक का वजन सह सकती है और इसमें आरामदायक बैकरेस्ट (पीठ का सहारा) है, जिससे बुजुर्ग और अधिक वजन वाले लोग भी सुरक्षित रूप से अपना चेकअप करा सकेंगे। यह मशीन ईसीजी और स्पाइरोमीटर जैसी मशीनों से जुड़ जाती है। इससे टेस्ट के दौरान यह पता चल जाएगा कि व्यायाम करते समय मरीज के दिल की धड़कन और फेफड़ों की क्षमता में क्या बदलाव आ रहे हैं। यह स्पोर्ट्स मेडिसिन और एथलीट्स के लिए भी बहुत उपयोगी है। इस बाइसिकल एर्गोमीटर की सबसे बड़ी खूबी इसका डिजिटल डिस्प्ले और सॉफ्टवेयर है। मरीज के व्यायाम का पूरा रिकॉर्ड सीधे कंप्यूटर पर पीडीएफ या एक्सेल फाइल के रूप में सेव होगा। इससे डॉक्टर पुरानी और नई रिपोर्ट की तुलना पल भर में कर सकेंगे। मशीन को मरीज की स्थिति के अनुसार सेट किया जा सकता है। यानी, अगर कोई मरीज कमजोर है, तो मशीन का लोड बहुत धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से बढ़ाया जाएगा। एम्स बिलासपुर के फार्माकोलॉजी विभाग द्वारा जारी इस निविदा का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर का रिसर्च डेटा तैयार करना है। जब दवाओं का परीक्षण इस आधुनिक मशीन पर होगा, तो एम्स की ओर से जारी किए गए शोध पत्र और क्लीनिकल ट्रायल वैश्विक स्तर पर मान्य होंगे।
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