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क्रिटिकल केयर सेंटर को बनाने की कवायद आगे बड़ी, एनएचएम की टीम ने देखी जगह
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बिलासपुर। जिला अस्पताल में बनने वाले क्रिटिकल केयर यूनिट की कवायद आगे बड़ी है। सोमवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन(एनएचएम) की टीम ने अस्पताल का दौरा किया। टीम सदस्यों को ट्रॉमा सेंटर के पास और दो अन्य स्थान दिखाए गए।
क्षेत्रीय अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए इसी साल कवायद शुरू की गई थी। 50 बिस्तर के प्रस्तावित इस अस्पताल के लिए ट्रॉमा सेंटर के साथ काफी जगह है। टीम की रिपोर्ट के बाद बजट की पहली किस्त जारी होगी। इस वार्ड के बनने से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को तुरंत इलाज में मदद मिलेगी। क्रिटिकल केयर अस्पताल में इंटेंसिव केयर यूनिट, आइसोलेशन वार्ड और आपातकालीन वार्ड बनाया जाना प्रस्तावित है।
एनएचएम की आगामी रिपोर्ट मिलने के बाद इस पर कार्रवाई होगी। कोरोना काल में देश भर के स्वास्थ्य संस्थानों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। भविष्य में ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने की कवायद शुरू की गई है। क्षेत्रीय अस्पताल में क्रिटिकल केयर सेंटर बनने से भविष्य में कोरोना जैसे संक्रमित रोगों और गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा।
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आईपीएचएस के अनुसार बनेगी मॉडर्न लैब
क्षेत्रीय अस्पताल में इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आईपीएचएस) के अनुसार मॉडर्न लैब भी बनाई जाएगी। इसके निर्माण के लिए भी एनएचएम की टीम ने साइट विजिट किया। रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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क्षेत्रीय अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए इसी साल कवायद शुरू की गई थी। 50 बिस्तर के प्रस्तावित इस अस्पताल के लिए ट्रॉमा सेंटर के साथ काफी जगह है। टीम की रिपोर्ट के बाद बजट की पहली किस्त जारी होगी। इस वार्ड के बनने से गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को तुरंत इलाज में मदद मिलेगी। क्रिटिकल केयर अस्पताल में इंटेंसिव केयर यूनिट, आइसोलेशन वार्ड और आपातकालीन वार्ड बनाया जाना प्रस्तावित है।
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एनएचएम की आगामी रिपोर्ट मिलने के बाद इस पर कार्रवाई होगी। कोरोना काल में देश भर के स्वास्थ्य संस्थानों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। भविष्य में ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने की कवायद शुरू की गई है। क्षेत्रीय अस्पताल में क्रिटिकल केयर सेंटर बनने से भविष्य में कोरोना जैसे संक्रमित रोगों और गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए इसका उपयोग किया जा सकेगा।
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आईपीएचएस के अनुसार बनेगी मॉडर्न लैब
क्षेत्रीय अस्पताल में इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आईपीएचएस) के अनुसार मॉडर्न लैब भी बनाई जाएगी। इसके निर्माण के लिए भी एनएचएम की टीम ने साइट विजिट किया। रिपोर्ट के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।