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Bilaspur News: नवरात्र मेले आज से, दुल्हन की तरह सजा नयनादेवी का दरबार
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- रात 12:00 से 2:00 बजे, दोपहर 12:00 से 12:00 बजे तक बंद रहेंगे कपाट
- सुरक्षा में तैनात रहेंगे पुलिस और होम गार्ड के करीब 600 जवान
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी(बिलासपुर)। शक्ति पीठ श्री नयनादेवी जी में वीरवार से शारदीय नवरात्र मेले शुरू होंगे। मां के दरबार को दुल्हन की तरह सजाया गया है। मंदिर प्रशासन एवं जिला प्रशासन ने भी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
नवरात्र के दौरान मंदिर के कपाट साढ़े 21 घंटे श्रद्धालु के दर्शनार्थ खुले रहेंगे। आरतियों के समय केवल मात्र अढ़ाई घंटे ही बंद रहेगा।
रात 12:00 बजे से 2:00 बजे के बीच सांय कालीन आरती, शयन आरती, सुबह की मंगल आरती और प्रात: कालीन श्रृंगार आरती की जाएगी। दोपहर को 12 से 12:30 बजे के बीच में मध्याह्न आरती की जाएगी। सांय कालीन आरती में माता जी को चने एवं पूरी का प्रसाद लगाया जाएगा। शयन आरती में दूध, बर्फी एवं फल का भोग माता जी को अर्पित किया जाएगा। मंगल आरती में मेवे का भोग और प्रात: कालीन श्रृंगार आरती में हलवा एवं बर्फी का प्रसाद माता जी को चढ़ाया जाएगा। मध्याह्न आरती में राजसी भोग माता जी को लगाया जाएगा। मंदिर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में पुलिस और होमगार्ड के 600 जवान तैनात रहेंगे। 100 अस्थायी कर्मचारी नियुक्त किए हैं 12 अक्तूबर तक चलने वाले इस नवरात्र मेले के दौरान पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार और अन्य प्रदेशों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंचेंगे। टोबा से श्री नयनादेवी जी मंदिर तक 9 सेक्टर बनाए गए हैं। सामाजिक संस्थाओं की ओर माता जी के दरबार में सदाव्रत लंगर का आयोजन किया जाएगा। इसमें व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को भी भोजन उपलब्ध होगा।
इनसेट
घंवाडल से पैदल यात्रा करेंगे श्रद्धालु
प्राचीन गुफा में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालु सिर्फ गुफा के बाहर से दर्शन कर पाएंगे। मंदिर के अंदर कडाह प्रसाद और नारियल चढ़ाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं से भरे मालवाहक वाहनों को पंजाब सीमा पर गरामोड़ा और कोलां वाला टोबा में रोका जाएगा। इससे आगे श्रद्धालुओं को बस, कार, दोपहिया वाहन से श्री नयनादेवी तक पहुंचना होगा। घंवाडल में सभी वाहनों को रोक लिया जाएगा। इससे आगे श्रद्धालुओं को पैदल जाना होगा। गुफा मार्ग पर सिर्फ वही छोटी गाड़ियां जा सकेंगी, जिनके पास प्रशासन की ओर से जारी किया गया पास होगा। इसके अलावा पूरे नवरात्रों के दौरान मंदिर न्यास एवं पुजारी वर्ग के सहयोग से विश्व कल्याण अर्थ विशेष अनुष्ठान का भी आयोजन किया जाएगा। दसमी के दिन पूर्ण आहुति डाली जाएगी।
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- सुरक्षा में तैनात रहेंगे पुलिस और होम गार्ड के करीब 600 जवान
संवाद न्यूज एजेंसी
श्री नयनादेवी जी(बिलासपुर)। शक्ति पीठ श्री नयनादेवी जी में वीरवार से शारदीय नवरात्र मेले शुरू होंगे। मां के दरबार को दुल्हन की तरह सजाया गया है। मंदिर प्रशासन एवं जिला प्रशासन ने भी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
नवरात्र के दौरान मंदिर के कपाट साढ़े 21 घंटे श्रद्धालु के दर्शनार्थ खुले रहेंगे। आरतियों के समय केवल मात्र अढ़ाई घंटे ही बंद रहेगा।
रात 12:00 बजे से 2:00 बजे के बीच सांय कालीन आरती, शयन आरती, सुबह की मंगल आरती और प्रात: कालीन श्रृंगार आरती की जाएगी। दोपहर को 12 से 12:30 बजे के बीच में मध्याह्न आरती की जाएगी। सांय कालीन आरती में माता जी को चने एवं पूरी का प्रसाद लगाया जाएगा। शयन आरती में दूध, बर्फी एवं फल का भोग माता जी को अर्पित किया जाएगा। मंगल आरती में मेवे का भोग और प्रात: कालीन श्रृंगार आरती में हलवा एवं बर्फी का प्रसाद माता जी को चढ़ाया जाएगा। मध्याह्न आरती में राजसी भोग माता जी को लगाया जाएगा। मंदिर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में पुलिस और होमगार्ड के 600 जवान तैनात रहेंगे। 100 अस्थायी कर्मचारी नियुक्त किए हैं 12 अक्तूबर तक चलने वाले इस नवरात्र मेले के दौरान पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार और अन्य प्रदेशों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंचेंगे। टोबा से श्री नयनादेवी जी मंदिर तक 9 सेक्टर बनाए गए हैं। सामाजिक संस्थाओं की ओर माता जी के दरबार में सदाव्रत लंगर का आयोजन किया जाएगा। इसमें व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को भी भोजन उपलब्ध होगा।
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घंवाडल से पैदल यात्रा करेंगे श्रद्धालु
प्राचीन गुफा में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। श्रद्धालु सिर्फ गुफा के बाहर से दर्शन कर पाएंगे। मंदिर के अंदर कडाह प्रसाद और नारियल चढ़ाने पर भी प्रतिबंध रहेगा। श्रद्धालुओं से भरे मालवाहक वाहनों को पंजाब सीमा पर गरामोड़ा और कोलां वाला टोबा में रोका जाएगा। इससे आगे श्रद्धालुओं को बस, कार, दोपहिया वाहन से श्री नयनादेवी तक पहुंचना होगा। घंवाडल में सभी वाहनों को रोक लिया जाएगा। इससे आगे श्रद्धालुओं को पैदल जाना होगा। गुफा मार्ग पर सिर्फ वही छोटी गाड़ियां जा सकेंगी, जिनके पास प्रशासन की ओर से जारी किया गया पास होगा। इसके अलावा पूरे नवरात्रों के दौरान मंदिर न्यास एवं पुजारी वर्ग के सहयोग से विश्व कल्याण अर्थ विशेष अनुष्ठान का भी आयोजन किया जाएगा। दसमी के दिन पूर्ण आहुति डाली जाएगी।
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