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Bilaspur News: लोगों को सुनाया श्रीकृष्ण जन्म कथा का प्रसंग
Mon, 02 Jun 2025 11:51 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 02 Jun 2025 11:51 PM IST
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नागा बाबा कुटिया गौरी शंकर मंदिर सुन्हाणी में भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्म की खुशी मनाते हुए श्
-नागा बाबा कुटिया गौरी शंकर मंदिर में भागवत कथा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नागा बाबा कुटिया गौरी शंकर मंदिर सुन्हाणी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पंडित राधारमन शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का प्रसंग सुनाया।
उन्होंने बताया कि व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए। अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने कहा कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और वह गोकुल पहुंच गए। शास्त्री ने कहा कि जब धरती पर धर्म की हानि होती है। तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। कथा के दौरान भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा। कथा समापन पर सभी लोगों में प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर बाबा अर्भय गिरी जी महाराज, गोपाल स्वरूप शास्त्री, रमेश कौंडल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल नागा बाबा कुटिया गौरी शंकर मंदिर सुन्हाणी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पंडित राधारमन शास्त्री ने श्रीकृष्ण जन्म की कथा का प्रसंग सुनाया।
उन्होंने बताया कि व्यक्ति को अहंकार नहीं करना चाहिए। अहंकार बुद्धि और ज्ञान का हरण कर लेता है। अहंकार ही मनुष्य का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने कहा कि जब अत्याचारी कंस के पापों से धरती डोलने लगी तो भगवान कृष्ण को अवतरित होना पड़ा। सात संतानों के बाद जब देवकी गर्भवती हुई तो उसे अपनी इस संतान की मृत्यु का भय सता रहा था। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म लेते ही जेल के सभी बंधन टूट गए और वह गोकुल पहुंच गए। शास्त्री ने कहा कि जब धरती पर धर्म की हानि होती है। तब भगवान धरती पर अवतरित होते हैं। कथा के दौरान भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ तो पूरा पंडाल जयकारों से गूंजने लगा। कथा समापन पर सभी लोगों में प्रसाद बांटा गया। इस मौके पर बाबा अर्भय गिरी जी महाराज, गोपाल स्वरूप शास्त्री, रमेश कौंडल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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