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Bilaspur News: भगवन श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का सुनाया वर्णन

Thu, 06 Jun 2024 11:02 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jun 2024 11:02 PM IST
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Narrated description of childhood pastimes of Lord Shri Krishna
भगवान ने आम जन को भय मुक्त करने के लिए तमाम दुखों और कष्टों को सहा : पंडित सुरेश
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-बोले- जो मां अपने बच्चों को यश देती है वह यशोदा है और जो आनंद देते हैं वे नंद

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के डियारा सेक्टर में स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर के सामने जन सहयोग से चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन प्रवचन करते हुए पंडित सुरेश भारद्वाज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का विवेचन कर श्रद्धालुओं को भाव विभोर किया। उन्होंने कहा कि भगवान ने आम जन को भय मुक्त करने के लिए तमाम दुखों और कष्टों को अपने ऊपर झेला है।
उन्होंने कहा कि जो मां अपने बच्चों को यश देती है वह यशोदा है और जो आनंद देते हैं वे नंद यानी नंद बाबा हैं। जब कंस को यह पता चला कि उसकी मृत्यु का कारण देवकी के गर्भ से पैदा हो चुका है और सुरक्षित निकल भी गया है तो वह अत्यंत क्रोधित हुआ। बाल कृष्ण की हत्या करने की योजनाएं तैयार करने लगा। इतने में उसने अपनी सहोदरा पूतना को भेजा। पूतना अपने स्तनों पर विष लगाकर योजनाबद्ध तरीके से नंद बाबा के घर तक पहुंच गई। जहां पर उसने माता यशोदा से कान्हा से मिलने की इच्छा व्यक्त की। सरल स्वभाव की यशोदा ने भी ज्यादा प्रश्न न करते हुए कान्हा को उसे सौंप दिया। भगवान श्रीकृष्ण को ज्ञात था कि यह स्त्री कौन है। पंडित जी ने बताया कि जैसे ही पूतना ने कान्हा को गोद में लिया तो उन्होंने अपनी आंखें बंद कर लीं। भगवान श्रीकृष्ण की आंखें बंद करने के पीछे रहस्य यह था कि यदि उनके नयन पूतना के नयनों से मिलते तो कही प्रेम न हो जाता, जिससे उसका वध करने में यही प्रेम आड़े आता। धोखे से पूतना ने कान्हा को अपना दूध पिलाना शुरू किया। कान्हा ने पहले दूध पिया फिर विष पान किया।
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विष पान करने से पूर्व कान्हा ने नीलकंठ महादेव को स्मरण किया। विष पान के बाद जब कान्हा उसके प्राणों का पान करने लगे तो भयंकर नाद करती हुई पूतना अपने वास्तविक रूप में आ गई। गांव में कोलाहल मच गया। धीरे-धीरे कान्हा ने पूतना का वध कर दिया। वहीं पंडित ने श्रद्धालुओं को यह भी समझाया कि कोई अज्ञात व्यक्ति मिले तो एकदम से उस पर विश्वास नहीं कर लेना चाहिए। कई बार यह घातक साबित होता है।
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