{"_id":"65b8eb6610ea9b087f0f3183","slug":"minister-paid-tribute-to-father-of-the-nation-mahatma-gandhi-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-112350-2024-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: मंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: मंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उपमंडल घुमारवीं के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हटवाड़ में एक कार्यक्रम के दौरान
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी सहित सात स्कूलों के 700 विद्यार्थियों ने 2 मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी।
मंत्री ने स्कूली छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के सत्य एवं अहिंसा के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। इससे अधिकार की कोई भी लड़ाई जीती जा सकती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता ने सत्य और अहिंसा का दर्शन अपनाकर देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलाई। महात्मा गांधी बेहद ही सरल और महान विचार और आदर्शों का पालन करते थे। उनके विचार और आदर्श पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। महात्मा गांधी सत्य को केवल कथन या बातों में ही नहीं, बल्कि कर्मों में चरित्र में उतारने की बात करते थे। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
बिलासपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उपमंडल घुमारवीं के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हटवाड़ में एक कार्यक्रम के दौरान
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी सहित सात स्कूलों के 700 विद्यार्थियों ने 2 मिनट का मौन रखकर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी।
मंत्री ने स्कूली छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के सत्य एवं अहिंसा के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक हैं। इससे अधिकार की कोई भी लड़ाई जीती जा सकती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता ने सत्य और अहिंसा का दर्शन अपनाकर देश को अंग्रेजों की गुलामी से आजादी दिलाई। महात्मा गांधी बेहद ही सरल और महान विचार और आदर्शों का पालन करते थे। उनके विचार और आदर्श पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। महात्मा गांधी सत्य को केवल कथन या बातों में ही नहीं, बल्कि कर्मों में चरित्र में उतारने की बात करते थे। उन्होंने सभी छात्र-छात्राओं को महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित किया।