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मां का दूध बच्चों के लिए जरूरी: सीएमओ
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बिलासपुर। शिशुओं के लिए मां का दूध बेहद जरूरी होता है। इससे शिशुओं में कई तरह से रोगों से लड़ने की क्षमता विकसित होती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में 6 माह तक 50 प्रतिशत बच्चों को ही मां का दूध मिल रहा है। 150 देशों की सूची में भारत 78वें पायदान पर है। यहां पर जन्म के पहले घंटे में केवल 44.6 प्रतिशत शिशुओं को ही मां का दूध मिलता है। इसलिए, लोगों को शिशुओं को दूध पिलाने के सही समय पर शुरुआत करने, समस्याओं और सही तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान करने की आवश्यकता है। ताकि मां और बच्चा दोनों ही स्वस्थ रहें।
यह बातें विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रकाश दड़ोच ने कही। कहा कि कोरोना महामारी के चलते हुए समुदाय में जागरूकता कार्यक्रम बडे़ पैमाने पर नहीं किए जा सकते। इसलिए, महत्वपूर्ण जानकारियां प्रचार-प्रसार के माध्यम से पहुंचाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्तनपान की सही समय पर शुरुआत करके शिशुओं की मृत्यु व बीमारी की दर को कम करना है।
उन्होंने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान स्तनपान से मां और शिशुओं को होने वाले लाभों के बारे में समुदाय को जागरूक करना, मां को स्तनपान के तरीकों की सही जानकारी देना तथा समुदाय में प्रचलित गलत प्रथाओं तथा तरीकों को दूर करना है।
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यह बातें विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रकाश दड़ोच ने कही। कहा कि कोरोना महामारी के चलते हुए समुदाय में जागरूकता कार्यक्रम बडे़ पैमाने पर नहीं किए जा सकते। इसलिए, महत्वपूर्ण जानकारियां प्रचार-प्रसार के माध्यम से पहुंचाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्तनपान की सही समय पर शुरुआत करके शिशुओं की मृत्यु व बीमारी की दर को कम करना है।
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उन्होंने बताया कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान स्तनपान से मां और शिशुओं को होने वाले लाभों के बारे में समुदाय को जागरूक करना, मां को स्तनपान के तरीकों की सही जानकारी देना तथा समुदाय में प्रचलित गलत प्रथाओं तथा तरीकों को दूर करना है।
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