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Bilaspur News: विस्थापितों को चार माह से नहीं मिल रहीं सूचनाएं, न ही अपीलों का हो रहा निपटारा

Wed, 10 Apr 2024 11:38 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Apr 2024 11:38 PM IST
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meeting meeting of fourlane samitiof fourlane samiti
मटौर-शिमला फोरलेन सड़क प्रभावित एवं विस्थापित संघर्ष समिति ने की बैठक
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संघर्ष समिति ने राजस्व कर्मियों पर लगाए गुमराह करने के आरोप

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। मटौर-शिमला फोरलेन सड़क प्रभावित एवं विस्थापित संघर्ष समिति की बैठक बुधवार को हुई। समिति के सदस्यों ने कहा कि पिछले चार माह से न ही उन्हें कोई सूचनाएं मिल रही हैं और न ही अपीलों का निपटारा हो रहा है। 9 अप्रैल को हुई सुनवाई में भी आरटीआई की अपीलों का निपटारा नहीं हो पाया और अब अगली सुनवाई 22 अप्रैल को तय की गई है।

समिति के प्रधान बाबूराम सिसोदिया, उपप्रधान कमलेश चंद नड्डा और सचिव कुलदीप कुलबीर भड़ोल ने बताया कि प्रभावितों की ओर से मांगी गई सूचनाओं का निपटारा अभी तक नहीं हो पाया है। वहीं अपीलीय सुनवाई के दौरान जनसूचना अधिकारी मौजूद नहीं रहे, ऐसा बताया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण में राज्य सरकार ने भू-अर्जन अधिकारी की नियुक्ति तो कर दी, लेकिन जनसूचना अधिकारी की नियुक्ति नहीं हो पाई जिससे विस्थापितों और प्रभावितों को सूचनाएं नहीं मिल पा रही हैं। कार्यालय में मौजूद सेवानिवृत्त राजस्व कर्मी तरह-तरह के तर्क देकर लोगों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। प्रभावितों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण संबंधी राजस्व रिकॉर्ड उपलब्ध न करवाना, आरडी नंबर, राईट ऑफ -वे, ले-आउट प्लान, मकानों, भूमि का अवार्ड निशानदेही आदि न करना किस तरह की पारदर्शिता को दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि भूमि सीमांकन/बुर्जियों के स्थापित करने उन पर आरडी नंबर अंकित होने से जहां दोनों हद्दों की पुष्टि होगी वहीं एक्वायर्ड विड्थ, कंट्रोल विड्थ, अवैध कब्जा और अवैध निर्माण की पुष्टि के साथ अधिग्रहण की भूमि में आए पेड़ों, मकानों और भूमि का भी पता चल सकेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसकी पुष्टि को भू-अधिग्रहण कार्यालय लगातार छिपाने का काम कर रहा है। समिति ने सरकार से आग्रह किया है कि भूमि अधिग्रहण कार्यालय में तुरंत प्रभाव से जनसूचना अधिकारी को नियुक्त करना सुनिश्चित किया जाए ताकि समय रहते लोग अपने मूल दस्तावेजों को प्राप्त कर सकें। उनका अवलोकन कर पाई गई त्रुटियों की नियमानुसार दुरुस्त करवा सकें।
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