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कर्मचारियों की पेंशन की तर्ज पर विधायकों-मंत्रियों की पेंशन हो बंद

Sat, 14 Sep 2019 11:06 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Sep 2019 11:06 PM IST
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बिलासपुर। शुक्रवार को पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की बैठक का आयोजन विश्वकर्मा मंदिर बिलासपुर में किया गया जिसकी अध्यक्षता प्रधान जगदीश दिनेश ने की। बैठक में विधायकों-मत्रियों के भत्ते को लेकर विरोध किया गया। कहा गया कि वर्ष 2003 के बाद सरकारी कर्मचारियों की पेंशन नहीं तो 2003 के बाद विधायकों व मंत्रियों को पेंशन क्यों दी जा रही है।
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बैठक का संचालन करते हुए हुकम ठाकुर ने सभी सदस्यों का स्वागत किया। बैठक में मुख्य मुद्दा रखा गया जिसमें पेंशनरों की स्मृति में मौन रखा गया। बैठक में खंडों के प्रधान, सचिव इकाइयों के प्रधान ने भाग लिया।
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बैठक में दौलतराम, ठाकुर दास आजाद, बीरबल धीमान, जसवंत चंदेल, कंवर महेंद्र सिंह, सीआर वर्मा, गोपाल शर्मा, जेके नड्डा ने अपने विचार रखते हुुए कहा कि सरकार के पेंशन के प्रति उदासीन रवैया अच्छा नहीं है। एसोसिएशन प्रधान ने कहा कि सरकार वादा करने के बावजूद पेंशनरों की उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब पैटर्न पर 65,70,75 वर्ष की आयु पर दिए गए 5,10 और15 प्रतिशत भत्ते को मूल पेंशन नहीं बताया गया।
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पेंशनर चिकित्सा बिलों के लिए कोई बजट प्रावधान नहीं हो पाया। यदि सरकार पंजाब के पैटर्न को स्वीकार नहीं करती तो वह 7वें वेतन आयोग को लागू करने में पंजाब सरकार का इंतजार क्यों कर रही है।

वहीं संघ के द्वारा 17 दिसंबर को जिला स्तर पर बैठक का आयोजन धौलरा मंदिर में किया जाएगा। जिला अध्यक्ष जगदीश दिनेश ने कहा कि वह पेंशनरों कि समस्याओं को समझेंगे व समाधान करेंगे। बैठक में लेखराम शर्मा, विजय सिंह, रविंद्र भटा, दौलतराम, ठाकुर दास आजाद, बीरबल धीमान, जसवंत चंदेल, कंवर महेंद्र सिंह, सीआर वर्मा आदि शामिल रहे।
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