फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   Making fake driving license busted in Barthin

Bilaspur News: बरठीं में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का हुआ भंडाफोड़

Sun, 02 Mar 2025 11:57 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 02 Mar 2025 11:57 PM IST
विज्ञापन
Making fake driving license busted in Barthin
- बीमा क्लेम के लिए जेसीबी चालक की ओर से लाइसेंस प्रस्तुत करने के बाद हुआ खुलासा
विज्ञापन

- अब तक कितने फर्जी लाइसेंस बने, पुलिस ने उसकी जांच भी की शुरू

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। एक मामले की पुलिस जांच के दौरान बरठीं के एक साइबर कैफे में फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का भंडाफोड़ हुआ है। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक जेसीबी चालक ने दुर्घटना होने के बाद बीमा क्लेम के लिए अपना ड्राइविंग लाइसेंस प्रस्तुत किया, लेकिन वह बीमा कंपनी की जांच में फर्जी निकला।
मामले की शिकायत मिलने पर जब घुमारवीं पुलिस ने जांच की तो पता चला कि बरठीं के एक साइबर कैफे में जेसीबी चालक का फर्जी लाइसेंस बनाया गया था। अब तक कितने फर्जी लाइसेंस बने हैं, इसकी जांच भी पुलिस ने शुरू कर दी है।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार उपमंडल घुमारवीं के तड़ौन गांव के धर्मेंद्र कुमार की जेसीबी दो माह पहले भगेड़ में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। जब उसने बीमा कंपनी से क्लेम के लिए आवेदन किया, तो कंपनी ने उसका क्लेम अस्वीकार कर दिया। कंपनी ने बताया कि जेसीबी के चालक का ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी है। इसके बाद धर्मेंद्र कुमार ने अपने चालक दीपक कुमार से इस बारे पूछा और पुलिस को भी शिकायत दी। चालक दीपक कुमार ने बताया कि उसने आरएलए झंडूता में अपने लाइसेंस के लिए आवेदन किया था, लेकिन कंप्यूटर टेस्ट में फेल हो गया। इसके बाद उसने इस बारे में समोह गांव के एक व्यक्ति से चर्चा की। उसने विश्वास दिलाया कि तहसील कार्यालय झंडूता में उसके संपर्क हैं, जिनके माध्यम से लाइसेंस बनवा सकता है। उस व्यक्ति ने 8 हजार रुपये की मांग की, जो उसे दे दिए। इसके बाद उस व्यक्ति ने जेसीबी चालक दीपक कुमार को बरठीं बाजार स्थित एक साइबर कैफे संचालक रत्नेश कुमार से मिलवाया। रत्नेश कुमार ने लाइसेंस बनवाने के लिए जरूरी कागजात लिए और हस्ताक्षर कराए। इसके बाद दीपक को ड्राइविंग लाइसेंस सौंप दिया। इस फर्जी लाइसेंस पर दीपक कुमार जेसीबी चला रहा था। पुलिस की जांच में पता चला कि फर्जी लाइसेंस बनाने की लिए पैसे का लेनदेन पुलिस थाना झंडूता के क्षेत्राधिकार में हुआ। फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की बरठीं बाजार स्थित एक कैफे में तैयार होना पाया जा रहा है, जो पुलिस थाना तलाई के क्षेत्राधिकार में आता है। तलाई थाना में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कोट
डीएसपी घुमारवीं चंद्रपाल सिंह ने बताया कि यह पता लगाया जा रहा है कि फर्जी लाइसेंस बनाने के गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। यह भी जांच की जा रही है कि अब तक कितने ऐसे फर्जी लाइसेंस बनाए जा चुके हैं। इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed