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मंदिर के कपाट बंद होने से शाहतलाई में 100 दुकानों पर लटके ताले
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शाहतलाई (बिलासपुर)। बाबा बालक नाथ जी की तपोस्थली शाहतलाई के मंदिर के कपाट शुक्रवार सुबह श्रद्धालुओं के लिए नहीं खुले। धार्मिक नगरी शाहतलाई में करीब 100 दुकानों पर मंदिर बंद होने के चलते ताले लटके हैं। वहीं शाहतलाई बाजार में दुकान करने वाले सभी कारोबारियों पर रोजी का संकट बन गया है। बाहरी राज्यों के दुकानदारों ने दुकानें समेट कर घर वापसी शुरू कर दी है।
उल्लेखनीय है कि जान पर भारी पड़ रही कोरोना की दूसरी लहर के चलते प्रदेश सरकार ने 23 अप्रैल से श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के कपाट बंद करने के आदेश जारी किए हैं। जिसके चलते धार्मिक नगरी शाहतलाई में बाबा बालक नाथ मंदिर के कपाट बंद हो गए हैं। हालांकि सुबह 6 बजे मंदिर के पुजारियों ने पूजा-अर्चना की। उधर मंदिर के कपाट बंद होने से धार्मिक नगरी में सन्नाटा पसर गया है। शुक्रवार को लगभग 100 दुकानदारों ने अपनी दुकानों के ताले तक नहीं खोले। दूसरे राज्यों से आकर अपना व्यवसाय कर रहे दुकानदारों ने अपनी दुकानदारी समेट कर घर वापसी करना शुरू कर दिया है। दुकानदार देशराज शर्मा, विजय कुमार, सुशील कुमार शर्मा, चमन लाल, राज कुमार, किशोरी लाल, बीरी सिंह, पवन कुमार, विपिन कुमार का कहना है कि मंदिरों के कपाट बंद होने से श्रद्धालुओं का धार्मिक नगरी में आना बंद हो गया है। होटलों में एडवांस बुकिंग भी लगातार रद्द हो रही है। जिससे बीते वर्ष की भांति अपना काम धंधा समेटना ही दुकानदार उचित समझ रहे हैं। पिछले लॉकडाउन में भी दुकानें बंद होने से दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा था।
बाजार में सन्नाटा देखते हुए दूसरे राज्यों से आकर अपनी रोजी-रोटी का जुगाड़ करने वाले दुकानदार भी अपना सामान समेट कर जा रहे हैं। उधर मंदिर प्रभारी सुखदेव सिंह चंदेल ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार शुक्रवार को मंदिरों के कपाट बंद रहे, जो आगामी आदेशों तक बंद रहेंगं तथा मंदिरों में पुजारियों द्वारा पूजा-अर्चना की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि जान पर भारी पड़ रही कोरोना की दूसरी लहर के चलते प्रदेश सरकार ने 23 अप्रैल से श्रद्धालुओं के लिए मंदिरों के कपाट बंद करने के आदेश जारी किए हैं। जिसके चलते धार्मिक नगरी शाहतलाई में बाबा बालक नाथ मंदिर के कपाट बंद हो गए हैं। हालांकि सुबह 6 बजे मंदिर के पुजारियों ने पूजा-अर्चना की। उधर मंदिर के कपाट बंद होने से धार्मिक नगरी में सन्नाटा पसर गया है। शुक्रवार को लगभग 100 दुकानदारों ने अपनी दुकानों के ताले तक नहीं खोले। दूसरे राज्यों से आकर अपना व्यवसाय कर रहे दुकानदारों ने अपनी दुकानदारी समेट कर घर वापसी करना शुरू कर दिया है। दुकानदार देशराज शर्मा, विजय कुमार, सुशील कुमार शर्मा, चमन लाल, राज कुमार, किशोरी लाल, बीरी सिंह, पवन कुमार, विपिन कुमार का कहना है कि मंदिरों के कपाट बंद होने से श्रद्धालुओं का धार्मिक नगरी में आना बंद हो गया है। होटलों में एडवांस बुकिंग भी लगातार रद्द हो रही है। जिससे बीते वर्ष की भांति अपना काम धंधा समेटना ही दुकानदार उचित समझ रहे हैं। पिछले लॉकडाउन में भी दुकानें बंद होने से दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा था।
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बाजार में सन्नाटा देखते हुए दूसरे राज्यों से आकर अपनी रोजी-रोटी का जुगाड़ करने वाले दुकानदार भी अपना सामान समेट कर जा रहे हैं। उधर मंदिर प्रभारी सुखदेव सिंह चंदेल ने बताया कि सरकार के आदेशानुसार शुक्रवार को मंदिरों के कपाट बंद रहे, जो आगामी आदेशों तक बंद रहेंगं तथा मंदिरों में पुजारियों द्वारा पूजा-अर्चना की जाएगी।
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