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असामयिक कार्यशालाओं पर रोक की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
Updated Mon, 30 Nov 2015 07:01 PM IST
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संयुक्त स्नातक शिक्षक परिसंघ ने विज्ञान अध्यापकों की दिसंबर माह में लगने वाली कार्यशालाओं को रोकने को लेकर सोमवार को उपनिदेशक प्रारंभिक और उच्च शिक्षा बिलासपुर को ज्ञापन सौंपा। परिसंघ का कहना है कि सभी संगठनों ने बार-बार विभाग से मांग की है कि शिक्षकों की कार्यशालाएं अप्रैल और मई माह में आयोजित की जाएं। बावजूद इसके इस मांग को दरकिनार कर दिसंबर माह में कार्यशालाओं को लगाया जा रहा है। ऐसे आयोजनों से ऐसा प्रतीत होता है कि विभाग गुणात्मक शिक्षा नहीं चाहता।
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परिसंघ का कहना है कि सरकारी स्कूलों में घटती विद्यार्थियों की संख्या का सबसे बड़ा कारण असामयिक अध्यापक कार्यशालाओं का हैं। उन्होंने मांग की कि इन असामयिक कार्यशालाओं पर रोक लगाई जाए। परिसंघ के मुताबिक, पहले ये कार्यशालाएं खंड स्तर पर की जाती रही है, लेकिन इस बार दो-तीन शिक्षा खंडों को मिलाकर की जा रही हैं।
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शिक्षा खंड सदर व स्वारघाट की जुखाला तथा झंडूता, घुमारवीं-एक एवं दो की कार्यशाला घुमारवीं में होगी। परिसंघ ने मांग की है कि कार्यशालाओं का आयोजन पहले की तरह खंड स्तर पर ही हो। कार्यशालाओं के लिए जो आदेश दिए जा रहे हैं, वो पहले शिक्षा उप-निदेशक प्रारंभिक/उच्च जारी करते रहे हैं। अब ऐसे आदेश सीधे प्रधानाचार्य जारी कर रहे हैं। परिसंघ की मांग है कि ये आदेश उपनिदेशक के माध्यम से ही जारी हों।
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उन्होंने मांग की है कि सभी मांगों को लेकर तत्काल कार्रवाई की जाए। इस दौरान पदोन्नत प्राध्यापक संघ के अमरनाथ धीमान, राजकीय अध्यापक संघ के नरोत्तम धीमान, विज्ञान अध्यापक संघ के शिव कुमार नड्डा, टीजीटी आर्ट्स के दिग्विजय, पवन सांख्यान, नरेंद्र कटवाल, रविंद्र कुमार, रामलोक, नंदलाल वर्मा, सोहन लाल, राजेंद्र डोगरा और कृष्ण कुमार उपस्थित रहे।