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Bilaspur News: लाखों खर्च, फिर भी अधूरा उप कोषागार भवन, खंडहर बनने लगी इमारत
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निर्माणाधीन उप कोषागार कार्यालय घुमारवीं। संवाद
घुमारवीं में 2021-22 में शुरू हुआ निर्माण पांचवें साल भी अधूरा, दो साल से बंद पड़ा काम
निर्माण कार्य बंद होने के बाद से भवन परिसर में फैल रही गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं तहसील परिसर में निर्माणाधीन उप कोषागार कार्यालय भवन सरकारी अनदेखी का उदाहरण बनता जा रहा है। भवन के निर्माण पर अब तक करीब 95 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन पांचवें साल में भी इसका काम पूरा नहीं हो पाया है। बजट के अभाव में पिछले करीब दो वर्षों से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। इस्तेमाल में आने से पहले ही भवन की हालत खराब होने लगी है और परिसर में गंदगी फैल रही है।
वर्ष 2021-22 में शुरू हुए इस भवन का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। हैरानी की बात यह है कि भवन उपमंडलीय अधिकारी कार्यालय के ठीक सामने स्थित है। इसके आसपास तहसील कार्यालय, पशु चिकित्सालय, रोजगार कार्यालय और कल्याण विभाग सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने काम करवाने पहुंचते हैं। इसके बावजूद अधूरे भवन की सुरक्षा और देखरेख के लिए उचित प्रबंध नजर नहीं आ रहे हैं।
निर्माण कार्य बंद होने के बाद से भवन परिसर की हालत लगातार बिगड़ रही है। भवन के भीतर टूटी शराब की बोतलें, सिरिंज और फॉयल पेपर मिलने से यहां नशे से जुड़ी गतिविधियां होने की आशंका जताई जा रही है। परिसर में फैली गंदगी और इस तरह की सामग्री मिलने से भवन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। शाम ढलने के बाद यहां असामाजिक तत्वों की आवाजाही की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में आसपास स्थित सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी भवनों का निर्माण जनता को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए किया जाता है। ऐसे में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद भवन का वर्षों तक अधूरा रहना चिंता का विषय है। यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाता, तो इसका इस्तेमाल शुरू हो सकता था। अब काम बंद रहने से न केवल भवन की उपयोगिता प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकारी संपत्ति के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने मांग की है कि भवन के शेष निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए जल्द बजट उपलब्ध करवाया जाए। साथ ही, जब तक भवन उपयोग के लिए तैयार नहीं होता, तब तक इसकी सुरक्षा और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि सरकारी संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके।
कोट
भवन निर्माण के लिए उपलब्ध करवाया गया बजट खर्च हो चुका है। अब थोड़ा-बहुत काम शेष है। जैसे ही बजट का प्रावधान होगा, निर्माण कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
-अनुज पराशर,सहायक अभियंता,लोक निर्माण विभाग,घुमारवीं
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निर्माण कार्य बंद होने के बाद से भवन परिसर में फैल रही गंदगी
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। घुमारवीं तहसील परिसर में निर्माणाधीन उप कोषागार कार्यालय भवन सरकारी अनदेखी का उदाहरण बनता जा रहा है। भवन के निर्माण पर अब तक करीब 95 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं, लेकिन पांचवें साल में भी इसका काम पूरा नहीं हो पाया है। बजट के अभाव में पिछले करीब दो वर्षों से निर्माण कार्य बंद पड़ा है। इस्तेमाल में आने से पहले ही भवन की हालत खराब होने लगी है और परिसर में गंदगी फैल रही है।
वर्ष 2021-22 में शुरू हुए इस भवन का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। हैरानी की बात यह है कि भवन उपमंडलीय अधिकारी कार्यालय के ठीक सामने स्थित है। इसके आसपास तहसील कार्यालय, पशु चिकित्सालय, रोजगार कार्यालय और कल्याण विभाग सहित कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपने काम करवाने पहुंचते हैं। इसके बावजूद अधूरे भवन की सुरक्षा और देखरेख के लिए उचित प्रबंध नजर नहीं आ रहे हैं।
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निर्माण कार्य बंद होने के बाद से भवन परिसर की हालत लगातार बिगड़ रही है। भवन के भीतर टूटी शराब की बोतलें, सिरिंज और फॉयल पेपर मिलने से यहां नशे से जुड़ी गतिविधियां होने की आशंका जताई जा रही है। परिसर में फैली गंदगी और इस तरह की सामग्री मिलने से भवन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। शाम ढलने के बाद यहां असामाजिक तत्वों की आवाजाही की बात भी सामने आ रही है। ऐसे में आसपास स्थित सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी भवनों का निर्माण जनता को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए किया जाता है। ऐसे में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद भवन का वर्षों तक अधूरा रहना चिंता का विषय है। यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाता, तो इसका इस्तेमाल शुरू हो सकता था। अब काम बंद रहने से न केवल भवन की उपयोगिता प्रभावित हो रही है, बल्कि सरकारी संपत्ति के खराब होने का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों ने मांग की है कि भवन के शेष निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए जल्द बजट उपलब्ध करवाया जाए। साथ ही, जब तक भवन उपयोग के लिए तैयार नहीं होता, तब तक इसकी सुरक्षा और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि सरकारी संपत्ति को नुकसान से बचाया जा सके।
कोट
भवन निर्माण के लिए उपलब्ध करवाया गया बजट खर्च हो चुका है। अब थोड़ा-बहुत काम शेष है। जैसे ही बजट का प्रावधान होगा, निर्माण कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
-अनुज पराशर,सहायक अभियंता,लोक निर्माण विभाग,घुमारवीं