{"_id":"5ec012fc8ebc3e90460224a5","slug":"labour-arrived-from-kolkata-bilaspur-news-sml3331153153","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोबाइल फोन बेचकर हिमाचल पहुंचे 39 श्रमिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोबाइल फोन बेचकर हिमाचल पहुंचे 39 श्रमिक
विज्ञापन
कोलकता से गरामौड़ा पहुंचे हिमाचल के मजदूर
- फोटो : BILASPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वारघाट(बिलासपुर)। लॉकडाउन की वजह से बाहरी राज्यों में फंसे लोगों को घर वापस लाने के लिए सरकार जहां विशेष ट्रेनें चलाकर घर पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है। वहीं, कोलकता में फंसे मजदूरों के लिए सरकार आने की कोई व्यवस्था नहीं की। अखिर में थके-हारे इन मजदूरों ने खुद ही पश्चिम बंगाल के कोलकाता से हिमाचल आने के लिए पास बनवाकर बस से ढाई लाख रुपये अदाकर शनिवार को घर पहुंचे। यही नहीं घर आने के लिए लोगों ने मोबाइल व अन्य महंगे सामान तक को बेचकर किराया चुकता किया।
बता दें कि हिमाचल के जिला बिलासपुर और सोलन के 39 मजदूर रोजी.रोटी की तलाश में कुछ माह पहले कोलकता गए हुए थे। लेकिन 22 मार्च से देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के बाद कंपनी बंद होने के कारण वहां फंस गए थे। लॉकडाउन के दौरान फंसे इन मजदूरों को यहां पर खाने.पीने के लाले पड़ड़गए थे। उनका राशन यहां तक कि पैसे भी खत्म हो चुके थे। उक्त मजदूरों ने कई बार सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार से उन्हें घर पहुंचाने की गुहार लगाई थी। लेकिन किसी ने भी उनकी बात नहीं सुनी। थक हार कर मजदूरों ने मीडिया के सामने हिमाचल सरकार व स्थानीय नेताओं पर जमकर भड़ास निकाली।
मजदूरों ने बताया कि वह 14 मई को कोलकाता से बस में चले थे और शनिवार को सुबह दस बजे हिमाचल के बॉर्डर गरामोड़ा में पहुंचे। वहीं प्रशासन द्वारा दोपहर बाद खाना खिलाने के बाद इन मजदूरों को गरामोड़ा से आरटीओ बैरियर स्वारघाट में मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए पहुंचाया गया है। मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद इन्हें क्वारंटीन किया गया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि हिमाचल के जिला बिलासपुर और सोलन के 39 मजदूर रोजी.रोटी की तलाश में कुछ माह पहले कोलकता गए हुए थे। लेकिन 22 मार्च से देशभर में लगाए गए लॉकडाउन के बाद कंपनी बंद होने के कारण वहां फंस गए थे। लॉकडाउन के दौरान फंसे इन मजदूरों को यहां पर खाने.पीने के लाले पड़ड़गए थे। उनका राशन यहां तक कि पैसे भी खत्म हो चुके थे। उक्त मजदूरों ने कई बार सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार से उन्हें घर पहुंचाने की गुहार लगाई थी। लेकिन किसी ने भी उनकी बात नहीं सुनी। थक हार कर मजदूरों ने मीडिया के सामने हिमाचल सरकार व स्थानीय नेताओं पर जमकर भड़ास निकाली।
विज्ञापन
मजदूरों ने बताया कि वह 14 मई को कोलकाता से बस में चले थे और शनिवार को सुबह दस बजे हिमाचल के बॉर्डर गरामोड़ा में पहुंचे। वहीं प्रशासन द्वारा दोपहर बाद खाना खिलाने के बाद इन मजदूरों को गरामोड़ा से आरटीओ बैरियर स्वारघाट में मेडिकल स्क्रीनिंग के लिए पहुंचाया गया है। मेडिकल स्क्रीनिंग के बाद इन्हें क्वारंटीन किया गया गया है।
विज्ञापन