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Bilaspur News: भूस्खलन से बंद हुआ कैंची मोड़-नयना देवी मार्ग,चार घंटे थमे वाहनों के पहिये

Wed, 29 Jul 2026 12:12 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 12:12 AM IST
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Kainchi Mod-Naina Devi road blocked by landslide; traffic halted for four hours.
धारा, जनाली और पंचपौड़ा में मलबा आने से यातायात प्रभावित, लोगों को झेलनी पड़ी दिक्कतें
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शाम तक कीरतपुर-मनाली फोरलेन के तीन स्थानों पर वन-वे रहा यातायात

संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट (बिलासपुर)। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने मंगलवार को जिला बिलासपुर में यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया। विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयना देवी को कैंची मोड़ से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग सुबह के समय धारा, जनाली और पंचपौड़ा के पास हुए भूस्खलन के कारण पूरी तरह बंद हो गया। पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और चट्टानें सड़क पर आने से प्रशासन को एहतियात के तौर पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी। इसके चलते श्री नयना देवी मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों और अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मार्ग बंद होने के बाद जिला प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा सलाह जारी की। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से आनंदपुर साहिब-टोबा-नयना देवी वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करने की अपील की। उपायुक्त राहुल कुमार ने लोगों से भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने का आग्रह किया। वहीं, लोक निर्माण विभाग की टीम सुबह से ही सड़क बहाली के काम में जुट गई। जेसीबी और अन्य मशीनों की मदद से सड़क पर आए मलबे और पत्थरों को हटाया गया। करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद दोपहर करीब 12 बजे मार्ग को छोटे और बड़े सभी वाहनों के लिए बहाल कर दिया गया। सड़क खुलने के बाद प्रशासन ने वैकल्पिक मार्ग से जुड़ी एडवाइजरी वापस ले ली और कैंची मोड़ से नयना देवी तक वाहनों की आवाजाही सामान्य हो गई। हालांकि, बारिश का असर कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर भी देखने को मिला। कई स्थानों पर मलबा गिरने से यातायात प्रभावित रहा। हालांकि, बारिश का असर कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर भी देखने को मिला। मेहला, समलेटू और बागछाल के पास पहाड़ियों से लगातार मलबा और पत्थर गिरने से फोरलेन के कई हिस्से प्रभावित रहे। सुरक्षा के मद्देनजर इन संवेदनशील स्थानों पर देर शाम तक वाहनों की आवाजाही वन-वे रखी गई।
स्थानीय लोगों ने मांगा समस्या का स्थायी समाधान
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेहला, समलेटू और बागछाल फोरलेन के संवेदनशील प्वाइंट हैं, जहां हर साल बरसात के दौरान भूस्खलन की समस्या सामने आती है। कई बार सड़क बंद होने या वन-वे व्यवस्था लागू होने से चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों यातायात प्रभावित रहता है। लोगों ने इन स्थानों पर स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग उठाई है, ताकि हर वर्ष होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
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प्रशासन की अपील, अनावश्यक यात्रा से बचें लोग
लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही कहा है कि जरूरी होने पर ही मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद यात्रा करें। प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन सावधानीपूर्वक चलाने और भूस्खलन संभावित स्थानों पर बिना आवश्यकता रुकने से बचने की सलाह दी है।
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