{"_id":"65686f93415352d7b20d970a","slug":"jubbal-bridge-made-news-due-to-illegal-mining-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-9403-2023-11-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: अवैध खनन से जुब्बल पुल को बना खबरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: अवैध खनन से जुब्बल पुल को बना खबरा
विज्ञापन
मामला ध्यान में आते ही उपायुक्त ने संबंधित विभागों को दिए कार्रवाई के आदेश
- रात के अंधेरे में खनन माफिया बेखौफ होकर कर रहा अवैध खनन
-पुल गिरा तो बिलासपुर,सोलन की 10 ग्राम पंचायतों, सीमेंट फैक्ट्री से टूटेगा संपर्क
-समाजसेवी ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत देकर पुल की मरम्मत की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर, सोलन जिले की 10 ग्राम पंचायतों, अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी को जोड़ने वाले जब्बल पुल का अस्तित्व खतरे में है। अली खड्ड पर करोट गांव में यह पुल बना है। उक्त क्षेत्र को जोड़ने वाला यह एकमात्र माध्यम है, लेकिन पिछले 15 साल में इस पुल के नीचे खड्ड का स्तर 20 फुट नीचे चला गया है। इससे पुल के फाउंडेशन पर खतरा मंडरा रहा है। कारण इस खड्ड में होने वाला अवैध खनन है।
रात के अंधेरे में खनन माफिया बेखौफ होकर इस खड्ड का सीना छलनी करता है, लेकिन खनन को रोकने के लिए जिम्मेदार विभाग 15 साल से मौन साधे बैठा है। बड़ी बात यह है कि अगर यह पुल गिरा तो बिलासपुर की रानीकोटला, डोबा, भोली, साई ब्राहमणा, सुई सुराहड़, सोलधा और छकोह पंचायत, वहीं, सोलन जिले की मांगल, बेरल और बागा पंचायत का संपर्क टूट जाएगा। इसके अलावा अल्ट्राटेक कंपनी से माल ढुलाई करने वाले तीन हजार ट्रक भी प्रभावित होेंगे। करोट गांव के समाजसेवी भूपेंद्र ठाकुर ने इस पुल की मरम्मत के लिए सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। उन्होंने लिखा कि पिछले डेढ माह से लगातार पुल के पिल्लरों के पास भूमि कटाव हो रहा है। इससे पहले कि यह पुल गिर जाए और वहां पर कोई बड़ा हादसा हो इसकी मरम्मत की जाए। इसके बाद मामला प्रशासन के ध्यान में आया।
बताते चलें कि यह एकमात्र पुल है जो उक्त पंचायतों को जोड़ता है। अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी से माल ढुलाई करने वाले तीन हजार ट्रक भी यहीं से गुजरते हैं, लेकिन अली खड्ड में लगातार हो रहे अवैध खनन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हैरानी का विषय यह है कि सरकार ने अवैध खनन पर नजर रखने के लिए कई विभागों को जिम्मा सौंपा है, लेकिन किसी भी विभाग की नजर इस खड्ड पर नहीं गई, या यूं कहें कि देखकर इसे अनदेखा किया गया। वहीं अब जब इससे पुल का अस्तित्व खतरे में आया तो जाकर इस पर नजर गई।
विज्ञापन
कोट
मामला ध्यान में आते ही उपायुक्त बिलासपुर ने दिए कार्रवाई के आदेश
अवैध खनन से जब्बल पुल की नींव को खतरे का मामला ध्यान में आया है। कार्रवाई के लिए लोक निर्माण विभाग एसई, एसडीएम सदर, पुलिस विभाग और खनन विभाग को आदेश दिए गए हैं। यह पुल जिले का अति महत्वपूर्ण पुल है। अगर इसे कोई नुकसान हुआ तो कई पंचायतों का संपर्क टूटेगा। सभी को आदेश दिए गए हैं कि इसके दोषियों पर कार्रवाई की जाए। वहीं पुल की स्थिति की जांच भी की जाएगी।
आबिद हुसैन सादिक,उपायुक्त बिलासपुर
कोट
मामला ध्यान में आया है। संबंधित अधिशासी अभियंता को कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। अधिशासी अभियंता पुलिस को इसके बारे में शिकायत देंगे।
- जीत राम ठाकुर,अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग बिलासपुर
विज्ञापन
- रात के अंधेरे में खनन माफिया बेखौफ होकर कर रहा अवैध खनन
-पुल गिरा तो बिलासपुर,सोलन की 10 ग्राम पंचायतों, सीमेंट फैक्ट्री से टूटेगा संपर्क
-समाजसेवी ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत देकर पुल की मरम्मत की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर, सोलन जिले की 10 ग्राम पंचायतों, अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी को जोड़ने वाले जब्बल पुल का अस्तित्व खतरे में है। अली खड्ड पर करोट गांव में यह पुल बना है। उक्त क्षेत्र को जोड़ने वाला यह एकमात्र माध्यम है, लेकिन पिछले 15 साल में इस पुल के नीचे खड्ड का स्तर 20 फुट नीचे चला गया है। इससे पुल के फाउंडेशन पर खतरा मंडरा रहा है। कारण इस खड्ड में होने वाला अवैध खनन है।
रात के अंधेरे में खनन माफिया बेखौफ होकर इस खड्ड का सीना छलनी करता है, लेकिन खनन को रोकने के लिए जिम्मेदार विभाग 15 साल से मौन साधे बैठा है। बड़ी बात यह है कि अगर यह पुल गिरा तो बिलासपुर की रानीकोटला, डोबा, भोली, साई ब्राहमणा, सुई सुराहड़, सोलधा और छकोह पंचायत, वहीं, सोलन जिले की मांगल, बेरल और बागा पंचायत का संपर्क टूट जाएगा। इसके अलावा अल्ट्राटेक कंपनी से माल ढुलाई करने वाले तीन हजार ट्रक भी प्रभावित होेंगे। करोट गांव के समाजसेवी भूपेंद्र ठाकुर ने इस पुल की मरम्मत के लिए सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की। उन्होंने लिखा कि पिछले डेढ माह से लगातार पुल के पिल्लरों के पास भूमि कटाव हो रहा है। इससे पहले कि यह पुल गिर जाए और वहां पर कोई बड़ा हादसा हो इसकी मरम्मत की जाए। इसके बाद मामला प्रशासन के ध्यान में आया।
विज्ञापन
बताते चलें कि यह एकमात्र पुल है जो उक्त पंचायतों को जोड़ता है। अल्ट्राटेक सीमेंट कंपनी से माल ढुलाई करने वाले तीन हजार ट्रक भी यहीं से गुजरते हैं, लेकिन अली खड्ड में लगातार हो रहे अवैध खनन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हैरानी का विषय यह है कि सरकार ने अवैध खनन पर नजर रखने के लिए कई विभागों को जिम्मा सौंपा है, लेकिन किसी भी विभाग की नजर इस खड्ड पर नहीं गई, या यूं कहें कि देखकर इसे अनदेखा किया गया। वहीं अब जब इससे पुल का अस्तित्व खतरे में आया तो जाकर इस पर नजर गई।
विज्ञापन
कोट
मामला ध्यान में आते ही उपायुक्त बिलासपुर ने दिए कार्रवाई के आदेश
अवैध खनन से जब्बल पुल की नींव को खतरे का मामला ध्यान में आया है। कार्रवाई के लिए लोक निर्माण विभाग एसई, एसडीएम सदर, पुलिस विभाग और खनन विभाग को आदेश दिए गए हैं। यह पुल जिले का अति महत्वपूर्ण पुल है। अगर इसे कोई नुकसान हुआ तो कई पंचायतों का संपर्क टूटेगा। सभी को आदेश दिए गए हैं कि इसके दोषियों पर कार्रवाई की जाए। वहीं पुल की स्थिति की जांच भी की जाएगी।
आबिद हुसैन सादिक,उपायुक्त बिलासपुर
कोट
मामला ध्यान में आया है। संबंधित अधिशासी अभियंता को कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। अधिशासी अभियंता पुलिस को इसके बारे में शिकायत देंगे।
- जीत राम ठाकुर,अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग बिलासपुर