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चिट्टे के खिलाफ समाज का एकजुट होना जरूरी : धर्माणी
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संस्कार संस्था ने सेऊ पंचायत में लगाया जागरुकता शिविर
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। संस्कार संस्था ने चिट्टा अगेंस्ट घुमारवीं अभियान के तहत सेऊ पंचायत के जाहड़ी गांव में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें संस्कार संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्माणी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे।
धर्माणी ने कहा कि प्रदेश में चिट्टे की लत तेजी से बढ़ रही है। इससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। आज युवा चिट्टे की वजह से उसी तरह मर रहे हैं, जैसे पतझड़ में पेड़ों से पत्ते गिरते हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को इसके खिलाफ एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ है। हमें रोग को खत्म करना है, रोगी को नहीं। नशे की रोकथाम के लिए सिर्फ कानून या पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। जब तक समाज का हर व्यक्ति इस अभियान में शामिल नहीं होगा, तब तक इस जहर से युवाओं को बचा पाना असंभव होगा।
उन्होंने माता-पिता, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे युवाओं को घातक नशे से बचाने के लिए जागरुकता अभियान चलाएं। अगर समाज का हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाए, तो इस जहर से युवाओं को बचाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने भी विचार साझा किए। इस मौके पर पट्टा पंचायत उप प्रधान मनोज भंडारी, राकेश पटियाल, जोगिंदर सिंह, वीरेंद्र पटियाल, रवि राणा, शशि गौतम तथा गांव के अन्य लोग उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। संस्कार संस्था ने चिट्टा अगेंस्ट घुमारवीं अभियान के तहत सेऊ पंचायत के जाहड़ी गांव में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें संस्कार संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्माणी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे।
धर्माणी ने कहा कि प्रदेश में चिट्टे की लत तेजी से बढ़ रही है। इससे युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है। आज युवा चिट्टे की वजह से उसी तरह मर रहे हैं, जैसे पतझड़ में पेड़ों से पत्ते गिरते हैं। यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि पूरे समाज को इसके खिलाफ एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ है। हमें रोग को खत्म करना है, रोगी को नहीं। नशे की रोकथाम के लिए सिर्फ कानून या पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। जब तक समाज का हर व्यक्ति इस अभियान में शामिल नहीं होगा, तब तक इस जहर से युवाओं को बचा पाना असंभव होगा।
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उन्होंने माता-पिता, शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे युवाओं को घातक नशे से बचाने के लिए जागरुकता अभियान चलाएं। अगर समाज का हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाए, तो इस जहर से युवाओं को बचाया जा सकता है। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने भी विचार साझा किए। इस मौके पर पट्टा पंचायत उप प्रधान मनोज भंडारी, राकेश पटियाल, जोगिंदर सिंह, वीरेंद्र पटियाल, रवि राणा, शशि गौतम तथा गांव के अन्य लोग उपस्थित रहे।
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