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शिक्षक में धैर्य, छात्रों की भावनाओं को समझने की क्षमता होना आवश्यक : डॉ. लेखराम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिवा शिक्षा महाविद्यालय घुमारवीं में शिक्षक के गुणों पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन आईक्यूएसी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. लेख राम शर्मा ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का प्रदाता ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माता, मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माता होता है। उन्होंने आदर्श शिक्षक के प्रमुख गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक को अपने विषय का गहन ज्ञान होना चाहिए और उसे निरंतर सीखते रहना चाहिए। धैर्यवान और सहानुभूतिपूर्ण प्रत्येक छात्र की गति अलग होती है, शिक्षक में धैर्य और छात्रों की भावनाओं को समझने की क्षमता होनी चाहिए। शिक्षक को सभी छात्रों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। शिक्षक का आचरण, वेशभूषा और वाणी छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत होनी चाहिए। इस अवसर पर समस्त कार्यकारी प्राचार्य इंदु वशिष्ठ, सहायक आचार्य डॉ. रमा शर्मा, संगीता ठाकुर, रजत चंदेल, ममता कुमारी, उपासना गुप्ता, बसु चंदेल, अतुल चंदेल, नेहा गुप्ता, शशि बाला सहित समस्त स्टाफ और प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
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बिलासपुर। शिवा शिक्षा महाविद्यालय घुमारवीं में शिक्षक के गुणों पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन आईक्यूएसी द्वारा किया गया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में सेवानिवृत्त प्राचार्य डॉ. लेख राम शर्मा ने बतौर मुख्य वक्ता शिरकत की।
उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का प्रदाता ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माता, मार्गदर्शक और राष्ट्र निर्माता होता है। उन्होंने आदर्श शिक्षक के प्रमुख गुणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षक को अपने विषय का गहन ज्ञान होना चाहिए और उसे निरंतर सीखते रहना चाहिए। धैर्यवान और सहानुभूतिपूर्ण प्रत्येक छात्र की गति अलग होती है, शिक्षक में धैर्य और छात्रों की भावनाओं को समझने की क्षमता होनी चाहिए। शिक्षक को सभी छात्रों के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। शिक्षक का आचरण, वेशभूषा और वाणी छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत होनी चाहिए। इस अवसर पर समस्त कार्यकारी प्राचार्य इंदु वशिष्ठ, सहायक आचार्य डॉ. रमा शर्मा, संगीता ठाकुर, रजत चंदेल, ममता कुमारी, उपासना गुप्ता, बसु चंदेल, अतुल चंदेल, नेहा गुप्ता, शशि बाला सहित समस्त स्टाफ और प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
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