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Bilaspur News: जिला परिषद बैठक में जांगला और बरमाणा वार्ड के जनहित के मुद्दे छाए
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जिला परिषद की बैठक में मौजूद सदस्य। स्रोत: जागरूक पाठक
सदस्यों ने पांच विभागों के समक्ष रखीं सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली व परिवहन से जुड़ी समस्याएं
पंजगाईं सीएचसी, सड़क निर्माण और बिजली व्यवस्था को सुधारने की मांग
ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर दोनों सदस्यों ने विभागों को सौंपे मांगपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला परिषद बिलासपुर की बैठक अध्यक्ष लेख राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। नवनिर्वाचित सदस्यों ने अपने वार्ड की समस्याओं से हाउस को अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों से इनके समाधान की मांग की। बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे, लेकिन परिवहन निगम से कोई नहीं आया। सदस्यों ने निगम को नोटिस जारी कर अनुपस्थिति का कारण पूछने की मांग की। जांगला वार्ड के जिला परिषद सदस्य देवांश चंदेल और बरमाणा वार्ड के जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार ने अपने क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दों को उठाया। दोनों सदस्यों ने सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और परिवहन सहित विभिन्न विभागों के समक्ष लंबित समस्याओं को रखा। उन्होंने इनके शीघ्र समाधान की मांग की। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के समक्ष कल्लर-सलासी सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था, नाली निर्माण और पुलिया बनाने की मांग रखी गई। ज्योरीपतन-कोहिना सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और सुरक्षा दीवार निर्माण का मुद्दा भी उठाया गया। सड़क के नीचे गहरी खाई होने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे और दर्जनों वाहन गुजरते हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गेहड़वीं में नियमित चिकित्सक की नियुक्ति की मांग की गई। अस्पताल को दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने और नलवाड़ी क्षेत्र में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी मांग हुई। चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को इलाज के लिए दूर के अस्पतालों में जाना पड़ता है। इसके अलावा तीन वर्ष से बंद थुराण-परवाणू बस सेवा को दोबारा शुरू करने की मांग की गई। पसोल,लुहारड़,मातला गांवों तक नियमित बस सेवा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई। बरमाणा वार्ड के जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार ने पंजगाईं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अस्पताल में स्वीकृत तीनों चिकित्सकों के पद जल्द भरने की मांग की। अस्पताल भवन निर्माण के लिए वापस लौटे करीब तीन करोड़ रुपये दोबारा जारी करने की मांग भी हुई। उन्होंने अस्पताल में हुए थप्पड़ कांड की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी रखी। बिजली व्यवस्था को लेकर कहा गया कि लोगों को बिजली लाइनों और अन्य कार्यों के लिए अत्यधिक अनुमान दिए जा रहे हैं। इससे आम उपभोक्ता परेशान हैं। उन्होंने ट्रांसफार्मरों के आसपास बिखरी बिजली की तारों को दुरुस्त करने, वर्षों से लंबित शिकायतों का समाधान करने और बिजली व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की। स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई, जिस पर विभाग ने बताया कि यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। परिवहन व्यवस्था को लेकर एचआरटीसी अधिकारियों की बैठक में अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई गई। सदस्यों ने निगम के अधिकारियों को नोटिस जारी करने की मांग उठाई, जिस पर सहमति बनी। लोक निर्माण विभाग से जुड़े मामलों में सेड़पा कॉलोनी और कसोल मार्ग के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया गया। कहा गया कि निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि सड़क दोबारा क्षतिग्रस्त होती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई कर उससे पुनर्निर्माण कराया जाए। उन्होंने बैरी में रैन शेल्टर, सार्वजनिक शौचालय, बैरी-रजादियां मार्ग पर अंडरपास अथवा ओवरब्रिज निर्माण की मांग भी उठाई। कसोल और हरनोड़ा सिंचाई योजनाओं, पेयजल योजनाओं और धार-टटोह सड़क की मरम्मत का मामला भी बैठक में रखा गया। सभी सदस्यों ने जिला परिषद अध्यक्ष और संबंधित विभागों से आग्रह किया कि इन सभी मामलों में शीघ्र कार्रवाई कर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की मांग
जलशक्ति विभाग से सलासी, जांगला, गेहड़वीं, बडोल देवी, बैहना जट्टा, बैरी और डोलानी सहित कई गांवों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की मांग की गई। विभिन्न क्षेत्रों में पुरानी पेयजल पाइप लाइनों को बदलकर नई लाइनें बिछाने की भी मांग उठाई गई।
बडोल देवी 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का जल्द शुरू किया जाए निर्माण कार्य
विद्युत बोर्ड के समक्ष आरडीएसएस योजना के तहत स्वीकृत बडोल देवी 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण शीघ्र शुरू करने की मांग रखी गई। ग्राम पलेट में नया 63 केवीए ट्रांसफार्मर लगाने की भी मांग की गई। क्षेत्र में लंबे समय से लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है।
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पंजगाईं सीएचसी, सड़क निर्माण और बिजली व्यवस्था को सुधारने की मांग
ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर दोनों सदस्यों ने विभागों को सौंपे मांगपत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला परिषद बिलासपुर की बैठक अध्यक्ष लेख राम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई। नवनिर्वाचित सदस्यों ने अपने वार्ड की समस्याओं से हाउस को अवगत कराया। उन्होंने अधिकारियों से इनके समाधान की मांग की। बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे, लेकिन परिवहन निगम से कोई नहीं आया। सदस्यों ने निगम को नोटिस जारी कर अनुपस्थिति का कारण पूछने की मांग की। जांगला वार्ड के जिला परिषद सदस्य देवांश चंदेल और बरमाणा वार्ड के जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार ने अपने क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दों को उठाया। दोनों सदस्यों ने सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और परिवहन सहित विभिन्न विभागों के समक्ष लंबित समस्याओं को रखा। उन्होंने इनके शीघ्र समाधान की मांग की। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग के समक्ष कल्लर-सलासी सड़क पर जल निकासी की व्यवस्था, नाली निर्माण और पुलिया बनाने की मांग रखी गई। ज्योरीपतन-कोहिना सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और सुरक्षा दीवार निर्माण का मुद्दा भी उठाया गया। सड़क के नीचे गहरी खाई होने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। इस मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बच्चे और दर्जनों वाहन गुजरते हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गेहड़वीं में नियमित चिकित्सक की नियुक्ति की मांग की गई। अस्पताल को दोबारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने और नलवाड़ी क्षेत्र में उप स्वास्थ्य केंद्र खोलने की भी मांग हुई। चिकित्सकों की कमी के कारण लोगों को इलाज के लिए दूर के अस्पतालों में जाना पड़ता है। इसके अलावा तीन वर्ष से बंद थुराण-परवाणू बस सेवा को दोबारा शुरू करने की मांग की गई। पसोल,लुहारड़,मातला गांवों तक नियमित बस सेवा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी गई। बरमाणा वार्ड के जिला परिषद सदस्य अशोक कुमार ने पंजगाईं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने अस्पताल में स्वीकृत तीनों चिकित्सकों के पद जल्द भरने की मांग की। अस्पताल भवन निर्माण के लिए वापस लौटे करीब तीन करोड़ रुपये दोबारा जारी करने की मांग भी हुई। उन्होंने अस्पताल में हुए थप्पड़ कांड की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी रखी। बिजली व्यवस्था को लेकर कहा गया कि लोगों को बिजली लाइनों और अन्य कार्यों के लिए अत्यधिक अनुमान दिए जा रहे हैं। इससे आम उपभोक्ता परेशान हैं। उन्होंने ट्रांसफार्मरों के आसपास बिखरी बिजली की तारों को दुरुस्त करने, वर्षों से लंबित शिकायतों का समाधान करने और बिजली व्यवस्था में सुधार लाने की मांग की। स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई, जिस पर विभाग ने बताया कि यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। परिवहन व्यवस्था को लेकर एचआरटीसी अधिकारियों की बैठक में अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई गई। सदस्यों ने निगम के अधिकारियों को नोटिस जारी करने की मांग उठाई, जिस पर सहमति बनी। लोक निर्माण विभाग से जुड़े मामलों में सेड़पा कॉलोनी और कसोल मार्ग के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया गया। कहा गया कि निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि सड़क दोबारा क्षतिग्रस्त होती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई कर उससे पुनर्निर्माण कराया जाए। उन्होंने बैरी में रैन शेल्टर, सार्वजनिक शौचालय, बैरी-रजादियां मार्ग पर अंडरपास अथवा ओवरब्रिज निर्माण की मांग भी उठाई। कसोल और हरनोड़ा सिंचाई योजनाओं, पेयजल योजनाओं और धार-टटोह सड़क की मरम्मत का मामला भी बैठक में रखा गया। सभी सदस्यों ने जिला परिषद अध्यक्ष और संबंधित विभागों से आग्रह किया कि इन सभी मामलों में शीघ्र कार्रवाई कर लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की मांग
जलशक्ति विभाग से सलासी, जांगला, गेहड़वीं, बडोल देवी, बैहना जट्टा, बैरी और डोलानी सहित कई गांवों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की मांग की गई। विभिन्न क्षेत्रों में पुरानी पेयजल पाइप लाइनों को बदलकर नई लाइनें बिछाने की भी मांग उठाई गई।
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बडोल देवी 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का जल्द शुरू किया जाए निर्माण कार्य
विद्युत बोर्ड के समक्ष आरडीएसएस योजना के तहत स्वीकृत बडोल देवी 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का निर्माण शीघ्र शुरू करने की मांग रखी गई। ग्राम पलेट में नया 63 केवीए ट्रांसफार्मर लगाने की भी मांग की गई। क्षेत्र में लंबे समय से लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है।
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