फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Bilaspur News ›   ISKCON Vrindavan is campaigning from village to village to revive Sanatan culture

Bilaspur News: सनात संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए इस्कॉन वृंदावन गांव-गांव कर रहा प्रचार

Wed, 14 May 2025 11:39 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 14 May 2025 11:39 PM IST
विज्ञापन
ISKCON Vrindavan is campaigning from village to village to revive Sanatan culture
सनातन धर्म का प्रचार कर रही इस्कॉन वृंदावन की टोली। संवाद
-श्रीकृष्ण की लीलाओं और पवित्र श्लोकों के माध्यम से कर रहे जागरूक
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। सनातन धर्म की समृद्ध परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय कृष्ण भावनामृत संघ (इस्कॉन) वृंदावन की एक टोली गांव-गांव जाकर सनातन धर्म का प्रचार कर रही है। यह अभियान 23 मार्च को वृंदावन से प्रारंभ हुआ और पंजाब होते हुए वर्तमान में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय है।

इस टोली में सात सदस्य शामिल हैं, जो प्रतिदिन भजनों, श्रीकृष्ण की लीलाओं और पवित्र श्लोकों के माध्यम से ग्रामीण जनमानस को आध्यात्मिकता के मार्ग पर अग्रसर करने का कार्य कर रहे हैं। घुमारवीं क्षेत्र में यह टीम पिछले 10 दिनों से संकीर्तन कर रही है, जिससे स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और ग्रामीण समुदाय को सनातन धर्म की गूढ़ शिक्षाओं से परिचित कराना है, ताकि वे अपने जीवन में अध्यात्म और नैतिक मूल्यों को अपनाकर एक श्रेष्ठ जीवन जी सकें। टीम धार्मिक ग्रंथों जैसे श्रीमद्भगवद्गीता, रामायण तथा भागवत पुराण के सार को सरल भाषा में प्रस्तुत कर रही है, जिससे आम जनता भी इन्हें आसानी से समझ सके। इस अभियान के मार्गदर्शक अमरीश दास ने बताया कि यह संपूर्ण कार्य इस्कॉन संस्था के संस्थापक श्री श्रीमद एसी भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद जी के आशीर्वाद व सान्निध्य में चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वामी प्रभुपाद ने विश्वभर में सनातन धर्म के प्रचार का जो बीज बोया था, आज वह वृक्ष बनकर न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया में फैला है। वर्तमान समय में जब भौतिकता के कारण व्यक्ति मानसिक तनाव और जीवन की आपाधापी में उलझा हुआ है, ऐसे में सनातन धर्म के सिद्धांत उसे मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति की ओर ले जा सकते हैं। उन्होंने स्थानीय निवासियों से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन आयोजनों में भाग लें और सनातन संस्कृति से जुड़ें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed