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Bilaspur News: मल्यावर में पाइपलाइन जोड़ने की अंतरिम मांग खारिज

Wed, 16 Sep 2026 12:16 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 12:16 AM IST
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Interim demand for pipeline connection in Malvar rejected.
सिविल जज कोर्ट नंबर तीन ने कहा- अंतरिम राहत देने से मुख्य वाद में मांगी गई राहत मिल जाएगी
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संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं। मल्यावर में पेयजल पाइपलाइन को दोबारा जोड़कर पानी की आपूर्ति बहाल करने की अंतरिम मांग को घुमारवीं की सिविल जज कोर्ट नंबर तीन ने खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि अंतरिम आवेदन में मांगी गई राहत मुख्य वाद में मांगी गई राहत के समान है। ऐसे में इस स्तर पर पाइपलाइन जोड़ने या वैकल्पिक रास्ते से नई पाइपलाइन बिछाकर पानी की आपूर्ति बहाल करने का आदेश देना मुख्य वाद में मांगी गई राहत देने के समान होगा।
आवेदकों ने अदालत से उनके घर के पास लगे नल तक पेयजल पाइपलाइन दोबारा जोड़ने की मांग की थी। वैकल्पिक तौर पर नजदीकी सरकारी या अन्य भूमि से पाइपलाइन बिछाकर पेयजल आपूर्ति बहाल करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था।
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आवेदन के अनुसार गांव के लोगों के आग्रह पर वर्ष 1978 में सिहाड़ू पेयजल आपूर्ति टैंक से गांव तक पाइपलाइन बिछाई गई थी। यह सरकारी और निजी भूमि से होकर गुजरती थी। अप्रैल 2022 में पाइपलाइन टूटने के बाद पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई। विभाग की ओर से इसे जोड़ने के कई प्रयास किए गए, लेकिन समस्या बनी रही।
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जलशक्ति विभाग ने आवेदन का विरोध करते हुए कहा कि पाइपलाइन टूटी हुई है, लेकिन इसे किसने तोड़ा, इसकी जानकारी नहीं है। जिस निजी भूमि से पाइपलाइन गुजरती है, वहां मरम्मत के लिए भूमि मालिक ने प्रवेश की अनुमति नहीं दी। विभाग के अनुसार पेयजल समस्या दूर करने के लिए वैकल्पिक भूमि से पाइपलाइन बिछाकर कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।

अदालत ने कहा कि पाइपलाइन किसने तोड़ी और पानी की आपूर्ति किस रास्ते से बहाल की जानी है, इसका फैसला साक्ष्य के आधार पर मुख्य वाद में किया जाएगा। अंतरिम स्तर पर पाइपलाइन जोड़ने का आदेश देने से मुख्य वाद की राहत पहले ही मिल जाएगी। अदालत ने 29 जून 2024 के पूर्व आदेश में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश का भी उल्लेख किया। इन परिस्थितियों में अंतरिम आवेदन खारिज कर दिया गया। अदालत ने स्पष्ट किया कि आदेश में की गई टिप्पणियों का मुख्य वाद के गुण-दोष पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
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