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Bilaspur News: विद्यार्थियों को बटन, मिल्की, ढींगरी, हेरीशियम, शिताके मशरुम की दी जानकारी

Thu, 27 Feb 2025 09:54 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Thu, 27 Feb 2025 09:54 PM IST
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Information given to students about button, milky, dhingri, hericium, shiitake mushroom.
सोलन मशरूम केंद्र के भ्रमण पर पहुंचे बिलासपुर कॉलेज  के विद्यार्थी। स्रोत: कॉलेज प्रबंधन
-बिलासपुर कॉलेज के विद्यार्थियों ने मशरूम अनुसंधान निदेशालय का किया भ्रमण
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। राजकीय महाविद्यालय बिलासपुर के वनस्पति विभाग के विद्यार्थियों ने सोलन में मशरूम अनुसंधान निदेशालय (डीएमआर) का एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया।

भ्रमण के दौरान आईसीएआर, डीएमआर सोलन के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. ब्रिज लाल अत्री ने बच्चों को अपने संस्थान और मशरूम की खेती के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को विस्तृत रूप से पांच प्रकार के मशरूम के बारे में जानकारी दी, जो आमतौर पर भारत में उगाए जाते हैं। जिसमें बटन मशरूम, मिल्की मशरूम, ओयस्टर मशरूम (ढींगरी मशरुम), हेरीशियम एरिनेसियस, लेंटीनुला एडोट्स (शिताके मशरुम) शामिल हैं। इन सभी में से बटन मशरूम की खेती सबसे ज्यादा की जाती है। भारत में 70 प्रतिशत से ज्यादा बटन मशरूम की खेती की जाती है। उन्होंने बताया कि मशरूम एक संपूर्ण भोजन है जिसमें विटामिन बी, विटामिन डी, विटामिन सी, प्रोटीन, मिनरल्स, डाइट्री फाइबर पाए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इसमें एक ट्रेस कंपाउंड मिलता है जिसे सेलीनियम कहा जाता है जो एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है और हमारे इम्यून सिस्टम और हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करता है। इस उच्च संस्थान में विद्यार्थियों ने प्रयोगशाला में उपयोग होने वाले उपकरणों और प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पीएस कटवाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और ऐसी गतिविधियों के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने बताया कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण से विद्यार्थियों को अपना कॅरिअर चुनने में सहायता मिलती है। उन्होंने बताया कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण के दौरान समूह में रहने और सीखने से विद्यार्थियों के अंदर एकता की भावना विकसित होती है। सहपाठियों के साथ विचारों का आदान-प्रदान होता है जिससे सामूहिक ज्ञान बढ़ता है। इस भ्रमण के दौरान वनस्पति विभाग के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार, प्रो. प्रवीण संख्यान, जूलॉजी डिपार्टमेंट की प्रो. सोनिया राठौर भी बच्चों के साथ उपस्थित रहे।
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