{"_id":"67f5282e4219a18a7f0114a6","slug":"information-about-depression-given-through-street-play-bilaspur-news-c-92-1-ssml1001-135027-2025-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: नुक्कड़ नाटक से अवसाद की दी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: नुक्कड़ नाटक से अवसाद की दी जानकारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व स्वास्थ्य दिवस पर छात्रों ने लोगों को जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी घुमारवीं की एनएसएस इकाई ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर ग्रीष्मोत्सव में स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य को लेकर जागरुकता फैलाना, युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर छात्रों ने अवसाद (डिप्रेशन) को समझो और समझाओ विषय पर नुक्कड़ नाटक किया। इस नाटक में उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी। छात्रों ने बताया कि कैसे अवसाद को समझना और इस पर खुलकर चर्चा करना आवश्यक है ताकि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बनी भ्रांतियों को दूर किया जा सके। इसके अलावा विद्यार्थियों ने वक्तृत्व कला (डिक्लेमेशन) प्रतियोगिता में भी भाग लिया। उन्होंने स्वास्थ्य जागरुकता, समाज में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति और युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर विचार रखे। कार्यक्रम में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश जसवाल, खंड स्वास्थ्य शिक्षिका लीला शर्मा ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शिवा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी घुमारवीं की एनएसएस इकाई ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर ग्रीष्मोत्सव में स्वास्थ्य जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका उद्देश्य समाज में स्वास्थ्य को लेकर जागरुकता फैलाना, युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित करना रहा।
इस अवसर पर छात्रों ने अवसाद (डिप्रेशन) को समझो और समझाओ विषय पर नुक्कड़ नाटक किया। इस नाटक में उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी। छात्रों ने बताया कि कैसे अवसाद को समझना और इस पर खुलकर चर्चा करना आवश्यक है ताकि समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर बनी भ्रांतियों को दूर किया जा सके। इसके अलावा विद्यार्थियों ने वक्तृत्व कला (डिक्लेमेशन) प्रतियोगिता में भी भाग लिया। उन्होंने स्वास्थ्य जागरुकता, समाज में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति और युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर विचार रखे। कार्यक्रम में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेश जसवाल, खंड स्वास्थ्य शिक्षिका लीला शर्मा ने छात्रों के प्रयासों की सराहना की।
विज्ञापन