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Bilaspur News: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 साल करें
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पशुपालन विभाग परिचारक संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मौजूद
पशुपालन विभाग परिचारक संघ की बैठक में मुद्दों पर चर्चा
कृत्रिम गर्भाधान का दो माह का प्रशिक्षण शुरू करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला पशुपालन विभाग परिचारक संघ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की मांग की है। संघ का कहना है कि पूर्व में विभाग के परिचारकों को कृत्रिम गर्भाधान का दो माह का प्रशिक्षण दिया जाता था। यह काफी समय से बंद है। संघ ने मांग की है कि कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण लेने के इच्छुक परिचारकों के लिए इसे दोबारा शुरू किया जाए।
पशुपालन विभाग परिचारक संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बैठक में कहा गया कि विभाग की ओर से गांव में जाकर मवेशियों का विभिन्न तरह का टीकाकरण किया जाता है। इस कार्य के लिए पशु औषधियोजकों के साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी जाना पड़ता है।
इसके एवज में पशु औषधियोजकों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है, लेकिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इससे वंचित हैं। उन्होंने मांग की कि पशु औषधियोजकों की तर्ज पर पशु परिचारकों को भी प्रोत्साहन राशि दी जाए। बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से पशु मित्रों के 500 पद भरने को मंजूरी का स्वागत किया गया। इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री और पशुपालन मंत्री का आभार जताया।
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बैठक में संघ के सचिव छबीलदास, हंसराज, रमेश चंद, चमनलाल, देवेंद्र, लेखराम, कृष्णी देवी, वनिता, सतीश, सत्या और अनीता समेत कई अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।
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कृत्रिम गर्भाधान का दो माह का प्रशिक्षण शुरू करने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला पशुपालन विभाग परिचारक संघ ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करने की मांग की है। संघ का कहना है कि पूर्व में विभाग के परिचारकों को कृत्रिम गर्भाधान का दो माह का प्रशिक्षण दिया जाता था। यह काफी समय से बंद है। संघ ने मांग की है कि कृत्रिम गर्भाधान का प्रशिक्षण लेने के इच्छुक परिचारकों के लिए इसे दोबारा शुरू किया जाए।
पशुपालन विभाग परिचारक संघ के जिला अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बैठक में कहा गया कि विभाग की ओर से गांव में जाकर मवेशियों का विभिन्न तरह का टीकाकरण किया जाता है। इस कार्य के लिए पशु औषधियोजकों के साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी जाना पड़ता है।
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इसके एवज में पशु औषधियोजकों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है, लेकिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी इससे वंचित हैं। उन्होंने मांग की कि पशु औषधियोजकों की तर्ज पर पशु परिचारकों को भी प्रोत्साहन राशि दी जाए। बैठक में प्रदेश सरकार की ओर से पशु मित्रों के 500 पद भरने को मंजूरी का स्वागत किया गया। इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री और पशुपालन मंत्री का आभार जताया।
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बैठक में संघ के सचिव छबीलदास, हंसराज, रमेश चंद, चमनलाल, देवेंद्र, लेखराम, कृष्णी देवी, वनिता, सतीश, सत्या और अनीता समेत कई अन्य कर्मचारियों ने भाग लिया।