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Bilaspur News: पंजगाईं जंजघर का अधूरा काम बना सिरदर्द, 10 लाख की योजना ठप
Fri, 24 Apr 2026 11:39 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 24 Apr 2026 11:39 PM IST
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पंजागाईं में अधूरा पड़ा जंजघर का कार्य। स्रोत: जागरूक पाठक
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छत निर्माण के नाम पर उखाड़ी फर्श, महीनों से बंद पड़ा कार्य
आरटीआई में भी नहीं मिली पूरी जानकारी, ग्रामीणों ने जल्द पूरा करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले की ग्राम पंचायत पंजगाईं में जंजघर के विकास कार्य अधर में लटकने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण विकास विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से वर्ष 2025-26 के तहत जंजघर में अतिरिक्त सुविधा के रूप में वर्षाकालीन छत निर्माण के लिए लगभग 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन कार्य शुरू होने के बाद बीच में ही काम बंद कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार सितंबर 2025 में जंजघर प्रांगण के दोनों ओर सात-सात गड्ढे खोदे गए थे। इसके बाद नवंबर 2025 में इन गड्ढों में सीमेंट कंक्रीट डालकर लोहे की प्लेटें लगाकर भराई का कार्य किया गया, लेकिन इसके बाद से निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जंजघर परिसर गांव का प्रमुख सामुदायिक स्थल है, जहां सार्वजनिक रसोई भी स्थित है और सभी छोटे-बड़े धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम यहीं आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में फर्श की तोड़फोड़ और अधूरे निर्माण के कारण लोगों को कार्यक्रम आयोजित करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च के पहले सप्ताह में जंजघर परिसर में स्थित पीपल और वटवृक्ष की टहनियों की कटाई-छंटाई की गई थी। उस दौरान अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था कि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस मामले में जब सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो केवल प्राक्कलन स्वीकृति से संबंधित कागजात ही उपलब्ध करवाए गए। निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति या देरी के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे ग्रामीणों में रोष और बढ़ गया है। निवेदक रामेश्वर गौतम, ने इस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो सुविधा पहले से उपलब्ध थी, उसे बेहतर बनाने के नाम पर खराब स्थिति में छोड़ दिया गया है। इससे न केवल ग्रामीणों को परेशानी हो रही है, बल्कि सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि इस कार्य को अधर में न लटकाया जाए और जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि पंजगाईं के लोगों को अपेक्षित सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने भी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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आरटीआई में भी नहीं मिली पूरी जानकारी, ग्रामीणों ने जल्द पूरा करने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले की ग्राम पंचायत पंजगाईं में जंजघर के विकास कार्य अधर में लटकने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण विकास विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से वर्ष 2025-26 के तहत जंजघर में अतिरिक्त सुविधा के रूप में वर्षाकालीन छत निर्माण के लिए लगभग 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी, लेकिन कार्य शुरू होने के बाद बीच में ही काम बंद कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार सितंबर 2025 में जंजघर प्रांगण के दोनों ओर सात-सात गड्ढे खोदे गए थे। इसके बाद नवंबर 2025 में इन गड्ढों में सीमेंट कंक्रीट डालकर लोहे की प्लेटें लगाकर भराई का कार्य किया गया, लेकिन इसके बाद से निर्माण कार्य पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जंजघर परिसर गांव का प्रमुख सामुदायिक स्थल है, जहां सार्वजनिक रसोई भी स्थित है और सभी छोटे-बड़े धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम यहीं आयोजित किए जाते हैं। ऐसे में फर्श की तोड़फोड़ और अधूरे निर्माण के कारण लोगों को कार्यक्रम आयोजित करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्च के पहले सप्ताह में जंजघर परिसर में स्थित पीपल और वटवृक्ष की टहनियों की कटाई-छंटाई की गई थी। उस दौरान अधिकारियों की ओर से ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था कि निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इस मामले में जब सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो केवल प्राक्कलन स्वीकृति से संबंधित कागजात ही उपलब्ध करवाए गए। निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति या देरी के कारणों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई, जिससे ग्रामीणों में रोष और बढ़ गया है। निवेदक रामेश्वर गौतम, ने इस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो सुविधा पहले से उपलब्ध थी, उसे बेहतर बनाने के नाम पर खराब स्थिति में छोड़ दिया गया है। इससे न केवल ग्रामीणों को परेशानी हो रही है, बल्कि सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि इस कार्य को अधर में न लटकाया जाए और जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि पंजगाईं के लोगों को अपेक्षित सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने भी चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
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