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Bilaspur News: शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के असंतुलन से होती है ल्यूपस जैसी जटिल बीमारी
Fri, 09 May 2025 11:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Fri, 09 May 2025 11:56 PM IST
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एम्स बिलासपुर में ल्यूपस दिवस कार्यक्रम के दौरान मौजूद फैकल्टी और पदाधिकारी। स्रोत एम्स प्रबंधन
-सूर्य की रोशनी में अधिक समय तक रहने से बढ़ सकता है बीमारी का प्रकोप
-विश्व ल्यूपस दिवस पर एम्स में विशेषज्ञों ने बताए ल्यूपस से बचाव के उपाय
-चर्म रोग, फिजिकल मेडिसिन विभाग ने किया संयुक्त आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हर साल 10 मई को विश्व ल्यूपस दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य आम जनता को ल्यूपस नामक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी के बारे में जागरूक करना होता है। इस अवसर पर एम्स बिलासपुर के क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी और रुमेटोलॉजी विभाग ने चर्म रोग विभाग और फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन विभाग के सहयोग से ओपीडी परिसर में एक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन (परीक्षा) प्रोफेसर डॉ. निधि पुरी ने की। उन्होंने कहा कि ल्यूपस एक जटिल बीमारी है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के असंतुलन के कारण होती है और इसका समय पर निदान व उपचार बेहद जरूरी है। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू ने ल्यूपस के त्वचा संबंधी लक्षणों पर बताया कि सूर्य की रोशनी में अधिक समय तक रहने से बीमारी का प्रकोप बढ़ सकता है, इसलिए मरीजों को धूप से बचाव करना चाहिए। रुमेटोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. योगेश प्रीत सिंह ने कहा कि ल्यूपस के शीघ्र निदान, लगातार इलाज और नियमित जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि इलाज में लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। ईसीआर प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. रवि कुमार शर्मा ने ल्यूपस की पहचान में एएनए (एंटी-न्यूक्लियर एंटीबॉडी) जैसे परीक्षणों की उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। फिजिकल मेडिसिन और रिहैबिलिटेशन विभाग के डॉ. हिमांशु ने कहा कि रिहैबिलिटेशन, फिजियोथेरेपी और व्यायाम से मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है और जोड़ों की गतिशीलता को बनाए रखा जा सकता है।
कार्यक्रम में डॉ. देवेंद्र बैरवा और डॉ. तरुण कुमार शर्मा ने ल्यूपस से जुड़े आम मिथकों और भ्रांतियों पर आधारित एक विशेष सत्र लिया। उन्होंने वैज्ञानिक तथ्यों के साथ इन भ्रांतियों का खंडन किया और मरीजों को सही जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अंकिता और डॉ. निर्मल ने एक इंटरैक्टिव क्विज़ का आयोजन किया, जिसमें प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह क्विज़ ल्यूपस से संबंधित सामान्य जानकारी को रोचक और शैक्षिक तरीके से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इस कार्यक्रम को मरीजों और उनके देखभालकर्ताओं की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
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-विश्व ल्यूपस दिवस पर एम्स में विशेषज्ञों ने बताए ल्यूपस से बचाव के उपाय
-चर्म रोग, फिजिकल मेडिसिन विभाग ने किया संयुक्त आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हर साल 10 मई को विश्व ल्यूपस दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य आम जनता को ल्यूपस नामक गंभीर ऑटोइम्यून बीमारी के बारे में जागरूक करना होता है। इस अवसर पर एम्स बिलासपुर के क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी और रुमेटोलॉजी विभाग ने चर्म रोग विभाग और फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन विभाग के सहयोग से ओपीडी परिसर में एक जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डीन (परीक्षा) प्रोफेसर डॉ. निधि पुरी ने की। उन्होंने कहा कि ल्यूपस एक जटिल बीमारी है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के असंतुलन के कारण होती है और इसका समय पर निदान व उपचार बेहद जरूरी है। चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मंजू ने ल्यूपस के त्वचा संबंधी लक्षणों पर बताया कि सूर्य की रोशनी में अधिक समय तक रहने से बीमारी का प्रकोप बढ़ सकता है, इसलिए मरीजों को धूप से बचाव करना चाहिए। रुमेटोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. योगेश प्रीत सिंह ने कहा कि ल्यूपस के शीघ्र निदान, लगातार इलाज और नियमित जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि इलाज में लापरवाही गंभीर परिणाम ला सकती है। ईसीआर प्रयोगशाला के प्रभारी डॉ. रवि कुमार शर्मा ने ल्यूपस की पहचान में एएनए (एंटी-न्यूक्लियर एंटीबॉडी) जैसे परीक्षणों की उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। फिजिकल मेडिसिन और रिहैबिलिटेशन विभाग के डॉ. हिमांशु ने कहा कि रिहैबिलिटेशन, फिजियोथेरेपी और व्यायाम से मरीजों की जीवन गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है और जोड़ों की गतिशीलता को बनाए रखा जा सकता है।
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कार्यक्रम में डॉ. देवेंद्र बैरवा और डॉ. तरुण कुमार शर्मा ने ल्यूपस से जुड़े आम मिथकों और भ्रांतियों पर आधारित एक विशेष सत्र लिया। उन्होंने वैज्ञानिक तथ्यों के साथ इन भ्रांतियों का खंडन किया और मरीजों को सही जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. अंकिता और डॉ. निर्मल ने एक इंटरैक्टिव क्विज़ का आयोजन किया, जिसमें प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह क्विज़ ल्यूपस से संबंधित सामान्य जानकारी को रोचक और शैक्षिक तरीके से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। इस कार्यक्रम को मरीजों और उनके देखभालकर्ताओं की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली।
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