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प्रबंधन की लापरवाही से एनआईटी की छवि हो रही खराब : भगत सिंह
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-इंटक अध्यक्ष ने एनआईटी प्रबंधन पर लगाए आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश इंटक के कार्यकारी अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में प्रबंधन वर्ग की लापरवाही से विद्यार्थियों के साथ खिलवाड़ और संस्थान की छवि धूमिल हुई है। इसका खामियाजा बच्चों के माता-पिता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एनआईटी देश के बड़े संस्थानों में से एक है। यहां से बड़े-बड़े इंजीनियर और वैज्ञानिक निकलते हैं। यह संस्थान केंद्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय के अधीन आते हैं। इस प्रकार की लापरवाही से प्रतीत होता है कि यह मंत्रालय की निगरानी से परे है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कहा कि केवल मात्र हॉस्टल वार्डन या किसी अन्य अधिकारी को निलंबित कर देने से संस्थान की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती है। संस्थान के निदेशक की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह इस प्रकार की गतिविधियों पर नजर बनाए रखे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से एनआईटी में यह घटना हुई है, उससे ऐसा लगता है कि संस्थान के अंदर कार्यरत लोग भी इस गिरोह में शामिल हैं। उन्होंने संगठन की ओर से मांग की कि इसे लेकर उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और निदेशक के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश इंटक के कार्यकारी अध्यक्ष भगत सिंह वर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) हमीरपुर में प्रबंधन वर्ग की लापरवाही से विद्यार्थियों के साथ खिलवाड़ और संस्थान की छवि धूमिल हुई है। इसका खामियाजा बच्चों के माता-पिता को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि एनआईटी देश के बड़े संस्थानों में से एक है। यहां से बड़े-बड़े इंजीनियर और वैज्ञानिक निकलते हैं। यह संस्थान केंद्र सरकार के मानव संसाधन मंत्रालय के अधीन आते हैं। इस प्रकार की लापरवाही से प्रतीत होता है कि यह मंत्रालय की निगरानी से परे है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। कहा कि केवल मात्र हॉस्टल वार्डन या किसी अन्य अधिकारी को निलंबित कर देने से संस्थान की जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती है। संस्थान के निदेशक की भी जिम्मेदारी बनती है कि वह इस प्रकार की गतिविधियों पर नजर बनाए रखे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से एनआईटी में यह घटना हुई है, उससे ऐसा लगता है कि संस्थान के अंदर कार्यरत लोग भी इस गिरोह में शामिल हैं। उन्होंने संगठन की ओर से मांग की कि इसे लेकर उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और निदेशक के खिलाफ भी उचित कार्रवाई की जाए।
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