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Bilaspur News: बूटा प्लासी और बिलांवाली गुरुद्वारा में गुरमत समागम
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संवाद न्यूज एजेंसी
नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ में गुरमत प्रचार ट्रस्ट की ओर से आयोजित प्रचार समागम के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। सुबह का समागम बूटा प्लासी स्थित गुरुद्वारा साहिब में संपन्न हुआ, जहां कथा वाचकों और रागी जत्थों ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। इस दौरान गुरुद्वारा परिसर में दीवान भी सजाया गया। हजूरी रागी भाई अमनदीप सिंह के शबद कीर्तन ने संगत को भावविभोर कर दिया। वहीं भाई चरणजीत सिंह ने कहा कि ऐसे समागम लोगों को गुरुओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सुबह उठकर गुरुओं का नाम स्मरण करता है, उसके जीवन के दुख दूर हो जाते हैं।कार्यक्रम के दौरान अटूट लंगर भी लगाया गया, जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर बाद बद्दी के बिलांवाला स्थित गुरुद्वारे में भी समागम आयोजित किया गया, जहां भाई हरि सिंह के शबद कीर्तन से उपस्थित संगत भावविभोर हो उठी।
इस मौके पर कथा वाचक ज्ञानी मान सिंह ने कहा कि पाखंड से दूर रहकर केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बाणी से जुड़ना चाहिए।
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नालागढ़ (सोलन)। नालागढ़ में गुरमत प्रचार ट्रस्ट की ओर से आयोजित प्रचार समागम के तीसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। सुबह का समागम बूटा प्लासी स्थित गुरुद्वारा साहिब में संपन्न हुआ, जहां कथा वाचकों और रागी जत्थों ने शबद कीर्तन कर संगत को निहाल किया। इस दौरान गुरुद्वारा परिसर में दीवान भी सजाया गया। हजूरी रागी भाई अमनदीप सिंह के शबद कीर्तन ने संगत को भावविभोर कर दिया। वहीं भाई चरणजीत सिंह ने कहा कि ऐसे समागम लोगों को गुरुओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सुबह उठकर गुरुओं का नाम स्मरण करता है, उसके जीवन के दुख दूर हो जाते हैं।कार्यक्रम के दौरान अटूट लंगर भी लगाया गया, जिसमें सभी धर्मों के लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। दोपहर बाद बद्दी के बिलांवाला स्थित गुरुद्वारे में भी समागम आयोजित किया गया, जहां भाई हरि सिंह के शबद कीर्तन से उपस्थित संगत भावविभोर हो उठी।
इस मौके पर कथा वाचक ज्ञानी मान सिंह ने कहा कि पाखंड से दूर रहकर केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बाणी से जुड़ना चाहिए।