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Bilaspur News: सरकार आचार संहिता से पहले जारी करे मुख्याध्यापकों की पदोन्नति सूची
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- पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ ने उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ ने मुख्याध्यापक पदोन्नति सूची शीघ्र निकालने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से मुख्याध्यापकों की पदोन्नति सूची निकालना दिसंबर में प्रस्तावित थी। इसके लिए विद्यालयों से पात्र अध्यापकों के नाम भी मंगवा लिए थे, लेकिन बिना किसी कारण नाम भिजवाने की तिथि को 20 जनवरी तक बढ़ा दिया गया।
अब 20 जनवरी भी बीत गई है। फिर भी सूची निकालने के लिए कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जोकि 26 हजार टीजीटी कैडर के साथ बेमानी है। संघ के प्रदेश प्रधान यशपाल रणौत, महासचिव राजीव चंदेल, वरिष्ठ उपप्रधान उत्तम राणा, वित्त सचिव रविदास शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रदेश में लगभग मुख्याध्यापकों के 350 पद फिर से रिक्त हो गए हैं। संघ की हमेशा से यह मांग भी रही है कि किसी भी कैडर में जैसे ही पद रिक्त होता है, उसे तुरंत भरा जाना चाहिए या पदोन्नति सूचियां साल में दो बार निकलनी ही चाहिए। मुखियों के बिना स्कूल से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मुख्याध्यापक बनने में देरी टीजीटी अध्यापकों को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति से भी वंचित करती है। संघ मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग करता है कि मामले में स्वयं हस्तक्षेप कर मुख्याध्यापकों की पदोन्नति सूची आचार संहिता लगने से पहले पहले निकाल दी जाए। क्योंकि हर माह अनेक अध्यापक 20-25 साल सेवा कर बिना पदोन्नति के बिना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्राध्यापक संघ ने मुख्याध्यापक पदोन्नति सूची शीघ्र निकालने की मांग की है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षा विभाग की ओर से मुख्याध्यापकों की पदोन्नति सूची निकालना दिसंबर में प्रस्तावित थी। इसके लिए विद्यालयों से पात्र अध्यापकों के नाम भी मंगवा लिए थे, लेकिन बिना किसी कारण नाम भिजवाने की तिथि को 20 जनवरी तक बढ़ा दिया गया।
अब 20 जनवरी भी बीत गई है। फिर भी सूची निकालने के लिए कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जोकि 26 हजार टीजीटी कैडर के साथ बेमानी है। संघ के प्रदेश प्रधान यशपाल रणौत, महासचिव राजीव चंदेल, वरिष्ठ उपप्रधान उत्तम राणा, वित्त सचिव रविदास शर्मा ने संयुक्त बयान में कहा कि प्रदेश में लगभग मुख्याध्यापकों के 350 पद फिर से रिक्त हो गए हैं। संघ की हमेशा से यह मांग भी रही है कि किसी भी कैडर में जैसे ही पद रिक्त होता है, उसे तुरंत भरा जाना चाहिए या पदोन्नति सूचियां साल में दो बार निकलनी ही चाहिए। मुखियों के बिना स्कूल से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मुख्याध्यापक बनने में देरी टीजीटी अध्यापकों को प्रधानाचार्य पद पर पदोन्नति से भी वंचित करती है। संघ मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग करता है कि मामले में स्वयं हस्तक्षेप कर मुख्याध्यापकों की पदोन्नति सूची आचार संहिता लगने से पहले पहले निकाल दी जाए। क्योंकि हर माह अनेक अध्यापक 20-25 साल सेवा कर बिना पदोन्नति के बिना ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
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