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भत्तों का भुगतान करने का प्रबंध करे सरकार : चेत राम
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पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन बिलासपुर के जिला महामंत्री सरकार पर बरसे
कहा, सरकार का व्यवहार कर्मियों-पेंशनरों से न्यायपूर्ण और व्यावहारिक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन बिलासपुर के जिला महामंत्री चेतराम वर्मा में कहा है कि प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी सरकार ने 25 जनवरी, 15 अप्रैल, 15 अगस्त और दिवाली जैसे मौकों पर महंगाई भत्ते की किस्त और अन्य आर्थिक लाभ देने की घोषणा नहीं की है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री ने यह वक्तव्य भी दिया है कि प्रदेश के पेंशनरों और कर्मचारियों को उनके संशोधित वेतनमान का बकाया भुगतान और अन्य आर्थिक लाभ 2 साल बाद यानी मार्च 2026 के बाद मिलेंगे। सरकार का कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ व्यवहार न्यायपूर्ण और व्यावहारिक नहीं है। सरकार अपने खर्चे को कम नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्य संसदीय सचिव, सचिवों, बोर्डों के अध्यक्षों की फौज खड़ी करने से खर्चे बढ़ा दिए हैं। लेकिन पेंशनरों और कर्मचारियों को जब आर्थिक भत्ते देने की बात आती है तो सरकार के खजाने खाली हो जाते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कर्मचारियों और पेंशनरों को तीन किस्त 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते के साथ संशोधित वेतनमान के बकाया एरियर का भुगतान करने का इंतजाम करे, अन्यथा आने वाले समय पर सरकार को इस वर्ग का रोष झेलना होगा।
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उन्होंने एसोसिएशन पदाधिकारियों से भी अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री से बात करें अन्यथा सरकार के विरुद्ध कोई एक्शन प्लान बनाकर पूरे प्रदेश में सामूहिक रूप से धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम की शुरुआत की जाए।
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कहा, सरकार का व्यवहार कर्मियों-पेंशनरों से न्यायपूर्ण और व्यावहारिक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन बिलासपुर के जिला महामंत्री चेतराम वर्मा में कहा है कि प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी सरकार ने 25 जनवरी, 15 अप्रैल, 15 अगस्त और दिवाली जैसे मौकों पर महंगाई भत्ते की किस्त और अन्य आर्थिक लाभ देने की घोषणा नहीं की है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा में मुख्यमंत्री ने यह वक्तव्य भी दिया है कि प्रदेश के पेंशनरों और कर्मचारियों को उनके संशोधित वेतनमान का बकाया भुगतान और अन्य आर्थिक लाभ 2 साल बाद यानी मार्च 2026 के बाद मिलेंगे। सरकार का कर्मचारियों और पेंशनरों के साथ व्यवहार न्यायपूर्ण और व्यावहारिक नहीं है। सरकार अपने खर्चे को कम नहीं कर रही है।
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उन्होंने कहा कि मुख्य संसदीय सचिव, सचिवों, बोर्डों के अध्यक्षों की फौज खड़ी करने से खर्चे बढ़ा दिए हैं। लेकिन पेंशनरों और कर्मचारियों को जब आर्थिक भत्ते देने की बात आती है तो सरकार के खजाने खाली हो जाते हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कर्मचारियों और पेंशनरों को तीन किस्त 12 प्रतिशत महंगाई भत्ते के साथ संशोधित वेतनमान के बकाया एरियर का भुगतान करने का इंतजाम करे, अन्यथा आने वाले समय पर सरकार को इस वर्ग का रोष झेलना होगा।
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उन्होंने एसोसिएशन पदाधिकारियों से भी अनुरोध किया कि मुख्यमंत्री से बात करें अन्यथा सरकार के विरुद्ध कोई एक्शन प्लान बनाकर पूरे प्रदेश में सामूहिक रूप से धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम की शुरुआत की जाए।