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Bilaspur News: जेम पोर्टल से सरकारी स्कूल 25,000 हजार तक बिना कोटेशन के खरीद सकेंगे सामान

Sat, 05 Oct 2024 11:17 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Oct 2024 11:17 PM IST
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Government schools will be able to purchase goods up to Rs 25,000 without quotation from GeM portal.
- जिले के 264 स्कूल मुखिया और कर्मचारियों को दिया पोर्टल चलाने का प्रशिक्षण
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-फाइलों के तामझाम के बिना पोर्टल से कर सकेंगे खरीदारी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। सरकारी स्कूल सरकारी ई-मार्केट प्लेस (जीईएम) जेम पोर्टल से 25,000 हजार रुपये तक सामान बिना कोटेशन के खरीद सकेंगे। जिले के 264 स्कूल मुखियां और कर्मचारियों को पोर्टल से खरीदारी करने का प्रशिक्षण भी दिया गया। स्कूल प्रमुख फाइलों के तामझाम को छोड़कर पोर्टल से खरीदारी कर सकेेंगे।

पोर्टल चलाने का प्रशिक्षण देने के लिए जुखाला महाविद्यालय में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 264 स्कूलों के प्रमुखों और कर्मचारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण देने के लिए जेम पोर्टल की टीम दिल्ली से पहुंची थी। उन्होंने उपस्थित स्कूल प्रमुख और कर्मचारियों को बताया कि जेम पोर्टल से 25,000 रुपये तक की खरीदारी बिना किसी कोटेशन के कर सकते हैं। 25,000 से 5 लाख रुपये तक की खरीदारी के लिए कम से कम तीन कोटेशन मंगवानी होंगी। 5 लाख से ऊपर की खरीदारी के लिए पोर्टल पर टेंडर आमंत्रित करना होगा। यदि पोर्टल पर इच्छानुसार सामान नहीं मिलता है तो पोर्टल से ही नॉन ऐबिलेबलटी सर्टिफिकेट लेना होगा। इसके बाद स्कूल प्रमुख ओपन मार्केट से खरीदारी कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने जेम पोर्टल पर खरीदारी करने की प्रक्रिया, भुगतान प्रक्रिया, कौन-सी सेवाएं जेम पोर्टल पर उपलब्ध हैं उनकी भी जानकारी साझा की। जेम पोर्टल का लक्ष्य सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता, दक्षता और गति को बढ़ावा देना है। ताकि सरकारी कार्यालयों में सामान खरीदारी में कर्मचारियों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। जेम पोर्टल के माध्यम से सरकारी स्कूलों में प्रधानाचार्य कक्षा कक्ष से लेकर अपनी आवश्यक खरीदारी किसी टेंडर और फाइल के तामझाम के बिना खरीद सकते हैं। शिक्षकों को आधुनिकता से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग ने प्रदेश भर में यह अभियान शुरू किया है, ताकि शिक्षकों को स्कूलों में फर्नीचर आदि की खरीदारी करने में किसी भी प्रकार की परेशानी न झेलनी पड़े।
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