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Bilaspur News: असाइनमेंट घुमारवीं के रिहायशी क्षेत्र में गैस गोदाम बना गंभीर चिंता का विषय

Fri, 16 Jan 2026 11:49 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 16 Jan 2026 11:49 PM IST
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Gas warehouse in Ghumarwin's residential area becomes a matter of serious concern
पास में आवासीय मकान, शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान
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गोदाम की दूसरी दिशा में है राजकीय प्राथमिक विद्यालय
क्षेत्र में भारी मात्रा में गैस सिलिंडरों का भंडारण बना है स्थायी खतरा

संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं/भराड़ी। नगर परिषद घुमारवीं के अंतर्गत संचालित घुमारवीं गैस एजेंसी का सिलिंडर गोदाम शहर की घनी आबादी वाले रिहायशी क्षेत्र में स्थित होना न केवल चिंताजनक है, बल्कि यह सुरक्षा मानकों और शहरी नियोजन पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जिस स्थान पर यह गोदाम संचालित हो रहा है, वहां एक ओर पुराने और ऐतिहासिक आवासीय मकान हैं, तो दूसरी ओर शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान, जहां प्रतिदिन हजारों बच्चे और युवा शिक्षा ग्रहण करने पहुंचते हैं।
गैस गोदाम के महज 50 मीटर के दायरे में शहर का एक बड़ा निजी स्कूल स्थित है, जहां रोजाना सैकड़ों नहीं बल्कि हजारों छात्र-छात्राएं पढ़ाई के लिए आते हैं। इसके अतिरिक्त, इसी क्षेत्र में एक निजी बीएड कॉलेज संचालित हो रहा है, जबकि गोदाम की दूसरी दिशा में राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्थित है, जहां छोटे-छोटे बच्चे रोजाना शिक्षा के लिए पहुंचते हैं। इस पूरे क्षेत्र को यदि संवेदनशील क्षेत्र कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। ऐसे में भारी मात्रा में गैस सिलिंडरों का भंडारण इस इलाके के लिए स्थायी खतरे के रूप में देखा जा रहा है।
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गैस सिलिंडर भंडारण से जुड़े सुरक्षा मानकों के अनुसार किसी भी गैस स्टोर या गोदाम के चारों ओर मजबूत चहारदीवारी होना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य अनधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश को रोकना, असामाजिक गतिविधियों से सुरक्षा देना और किसी आपात स्थिति में खतरे को नियंत्रित करना होता है। लेकिन घुमारवीं गैस एजेंसी के इस गोदाम में चहारदीवारी जैसी बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद नहीं है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति बिना रोक-टोक परिसर में प्रवेश कर सकता है, जो सुरक्षा की दृष्टि से बेहद गंभीर लापरवाही मानी जा रही है। वहीं एजेंसी संचालक अरविंद ने बताया कि स्टोर की चहारदीवारी करने के लिए अधिकारियों को बताया गया है। इसे जल्द लगाया जाएगा।
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फोकल प्वाइंट भी स्कूल के समीप, बढ़ा खतरा
चिंता का विषय केवल गोदाम तक सीमित नहीं है। गैस एजेंसी का फोकल प्वाइंट भी स्कूल के बिल्कुल समीप स्थापित किया गया है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों गैस सिलिंडरों की लोडिंग और अनलोडिंग होती है। इस दौरान भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे न केवल यातायात प्रभावित होता है, बल्कि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराता रहता है। सिलिंडरों का नियमित उतार-चढ़ाव, आसपास भीड़भाड़ और खुले परिसर में होना पूरे इलाके को अत्यधिक जोखिम पूर्ण बना देता है।
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स्थानीय लोग भय और असमंजस में
स्थानीय निवासी लंबे समय से इस स्थिति को लेकर चिंता और भय के माहौल में जी रहे हैं। लोगों का कहना है कि आए दिन प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से गैस सिलिंडर ब्लास्ट और अग्निकांड की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में घनी आबादी और स्कूलों के बीच इस तरह का गैस गोदाम होना किसी भी समय बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
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शहरी नियोजन और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल
घुमारवीं जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में सुनियोजित विकास और सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है। रिहायशी इलाकों और शिक्षण संस्थानों के बीच इस प्रकार के खतरनाक प्रतिष्ठानों की मौजूदगी प्रशासनिक दृष्टि से भी गंभीर समीक्षा की मांग करती है। संबंधित विभागों, नगर परिषद और प्रशासन को इस पूरे मामले को हल्के में नहीं लेना चाहिए, बल्कि मौके पर निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना चाहिए।

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निष्पक्ष समीक्षा और ठोस कार्रवाई की मांग
प्रदेश में हाल के दिनों में आगजनी की घटनाओं और गैस सिलेंडरों के फटने से हुए हादसों के बीच स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार अधिकारी इस गैस गोदाम और फोकल प्वाइंट की निष्पक्ष समीक्षा करें। लोगों का कहना है कि या तो सुरक्षा मानकों को पूरी तरह लागू किया जाए, जिसमें चहारदीवारी, नियंत्रित प्रवेश और सुरक्षित दूरी शामिल हो या फिर इस गोदाम को किसी खुले और सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की अप्रिय और भयावह घटना से बचा जा सके।
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