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Bilaspur News: जिले में लहसुन की खेती से बदल रही किसानों की तस्वीर

Wed, 20 May 2026 06:34 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Wed, 20 May 2026 06:34 PM IST
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Garlic cultivation is changing the image of farmers in the district
दावीं घाटी में लहसुन की फसल निकालते किसान। संवाद
शुरुआती सीजन में 15 हजार रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचे दाम
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बिलासपुर और सोलन के सीमावर्ती क्षेत्रों में बड़े स्तर पर हो रही लहसुन की खेती
पिछले साल नमहोल और जुखाला मंडियों में 1600 क्विंटल लहसुन की हुई थी खरीद
दक्षिण भारत की मंडियों में बढ़ी हिमाचल के लहसुन की मांग
किसान बोले- पारंपरिक खेती छोड़ अब लहसुन से हो रही अच्छी कमाई

संवाद न्यूज एजेंसी
जुखाला (बिलासपुर)। जिले में लहसुन की खेती अब किसानों के लिए आय का बड़ा जरिया बनती जा रही है। कभी सीमित क्षेत्र तक सिमटी रहने वाली यह फसल अब जिले के कई गांवों में नकदी फसल के रूप में तेजी से उभर रही है। बेहतर दाम और बढ़ती मांग के कारण किसान पारंपरिक खेती छोड़कर बड़े स्तर पर लहसुन उत्पादन की ओर रुख कर रहे हैं। इस बार सीजन की शुरुआत में ही किसानों को अच्छे दाम मिलने लगे हैं, जिससे उनमें उत्साह का माहौल है।

जिला के दावीं घाटी, रानीकोटला, सिकरोहा, नमहोल, दयोथ और मार्कंडेय पंचायतों सहित सोलन जिला के जयनगर और सेली क्षेत्रों के किसान पिछले कई वर्षों से लहसुन की खेती कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं और मक्की जैसी पारंपरिक फसलों की तुलना में लहसुन से कई गुना अधिक आमदनी हो रही है। यही कारण है कि हर साल इसके रकबे में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इन दिनों जिले की नमहोल और जुखाला सब्जी मंडियों में लहसुन की आवक शुरू हो चुकी है। शुरुआती दौर में ही किसानों को 5000 रुपये प्रति क्विंटल से लेकर 15000 रुपये प्रति क्विंटल तक के दाम मिल रहे हैं। पिछले वर्ष लहसुन 4000 से 12000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका था। इस बार शुरुआती रेट अधिक मिलने से किसानों को पूरे सीजन में बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है। जानकारी के अनुसार पिछले साल नमहोल सब्जी मंडी में करीब 1200 क्विंटल और जुखाला मंडी में लगभग 400 क्विंटल लहसुन की खरीद हुई थी। इसके अलावा कई किसानों ने सीधे अन्य मंडियों और व्यापारियों को भी अपना उत्पाद भेजा था। अनुमान के मुताबिक जिले से करीब 3200 क्विंटल लहसुन का कारोबार हुआ था। इस समय कई किसान खेतों से लहसुन निकालने में जुटे हैं, जबकि कुछ किसान इसकी सफाई, छंटाई और ग्रेडिंग का कार्य कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले लहसुन को मंडियों में बेहतर दाम मिल रहे हैं। किसान हेमराज शर्मा, नत्थूराम, कर्मचंद, दयाराम और नवीन सिंह ने बताया कि लहसुन की खेती ने उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत की है। उन्होंने कहा कि पहले जहां पारंपरिक खेती से खर्च निकालना भी मुश्किल होता था, वहीं अब लहसुन की फसल से अच्छा मुनाफा मिल रहा है। किसानों ने बताया कि इस बार मौसम भी फसल के अनुकूल रहा है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों बेहतर हैं।
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जिले का लहसुन अब प्रदेश की सीमाओं से बाहर भी पहचान बना चुका है। यहां उत्पादित लहसुन दक्षिण भारत की चेन्नई और कोयंबटूर मंडियों तक भेजा जा रहा है। व्यापारियों के अनुसार हिमाचली लहसुन में औषधीय गुण अधिक होने के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। स्वाद और गुणवत्ता के कारण इसे अन्य राज्यों के लहसुन की तुलना में अधिक पसंद किया जाता है। मंडी समिति बिलासपुर के अध्यक्ष सतपाल वर्धन ने बताया कि इस बार सब्जी मंडियों में लहसुन की अच्छी कीमतों के साथ शुरुआत हुई है। मंडी के रुझान को देखते हुए उम्मीद है कि किसानों को पूरे सीजन में लाभकारी दाम मिलेंगे। उन्होंने कहा कि मंडी समिति किसानों को बेहतर विपणन सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रयासरत है, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके।
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