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Bilaspur News: छोटे से यात्री ठहराव से 200 दुकानों वाला बड़ा बाजार बना दधोल

Sun, 29 Jun 2025 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 29 Jun 2025 11:30 PM IST
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From a small tourist stop, Dadhol has become a big market with 200 shops
दधोल चौक और आसपास विकसित हो रहा बाजार। संवाद
हाट बाजार
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दो दशक से कम समय में बाजार ने की बेमिसाल तरक्की
कृषि औजारों और यंत्रों के लिए प्रसिद्ध हो चुका है बाजार

संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी(बिलासपुर)। उपमंडल घुमारवीं का दधोल बाजार आज लोगों की जरूरतों को पूरा करने वाला एक बड़ा और महत्वपूर्ण व्यावसायिक स्थल बन गया है। दो दशक से कम समय में ही इस बाजार ने बेमिसाल तरक्की की है।
करीब दो दशक पहले तक दधोल बाजार एक छोटा सा यात्री ठहराव का स्थान था। यहां पर कुछ दुकानें ही लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने का माध्यम थीं, लेकिन बदलते समय और बढ़ती मांग के साथ यहां के व्यापारियों और स्थानीय निवासियों ने इस क्षेत्र को एक संगठित और सुनियोजित बाजार में तब्दील कर दिया। दधोल बाजार में इस समय में करीब 200 दुकानें हैं। यहां हर वह वस्तु उपलब्ध है, जो किसी सामान्य घरेलू उपयोगकर्ता की आवश्यकताओं को पूरा कर सके। हार्डवेयर, करियाना, कपड़े, रेडीमेड वस्त्र, स्टेशनरी, मिठाई, प्लास्टिक और स्टील के बर्तन, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक आइटम से लेकर कृषि यंत्रों तक की दुकानें इस बाजार में है। एक सहकारी सभा में भी किसानों की जरूरतों के अनुसार हर प्रकार की बीज और कृषि यंत्र उपलब्ध हैं। यह सहकारी सभा प्रदेश स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर स्तर तक कई पुरस्कार हासिल कर चुकी है। ब्यूटी पार्लर के लिए भी दधोल बाजार प्रसिद्ध है। सिलाई केंद्र, फोटो स्टूडियो, मोबाइल रिपेयरिंग की दुकानें भी दधोल बाजार की पहचान बन चुकी हैं। दधोल बाजार केवल एक व्यावसायिक केंद्र ही नहीं बल्कि एक सामुदायिक सेवा का केंद्र भी बन गया है। यहां सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, जल शक्ति विभाग का कार्यालय, लोक निर्माण विभाग, बैंक की शाखाएं, निजी विद्यालय सहित सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। इससे क्षेत्रीय लोगों को बिलासपुर या घुमारवीं जैसे बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ता। दधोल बाजार की एक और विशेषता इसकी भौगोलिक स्थिति है। यह बाजार दधोल चौक से लदरौर के लिए जाने वाली सड़क के दोनों ओर शिमला-धर्मशाला हाईवे के आसपास विकसित हुआ है। यह कई छोटे-बड़े गांव से घिरा हुआ है। इन गांवों के निवासी अपनी दैनिक जरूरतों के लिए दधोल बाजार पर ही निर्भर हैं। इसके अलावा यहां से आवाजाही करने वाले लोग भी इस बाजार से जरूरत के सामान की खरीदारी करते हैं। दधोल चौक के बीच स्थित हनुमान और शिव मंदिर हजारों लोगों की आस्था का केंद्र है।
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इनसेट
दधोल बाजार की तरक्की में हर वर्ग का सहयोग है। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की चहल-पहल और युवाओं की भागीदारी इस बाजार को जीवंत बनाती है। दधोल बाजार की इस तरक्की में स्थानीय व्यापारियों, पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासन और आम जनता का सहयोग है।
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राजेश, स्थानीय दुकानदार।

इनसेट
दधोल बाजार न केवल आर्थिक रूप से समृद्ध हो रहा है, बल्कि यह क्षेत्रीय सामाजिक और सांस्कृतिक विकास का भी केंद्र बन चुका है। रोजाना सैकड़ों लोग दधोल बाजार में खरीदारी और आवश्यक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। यहां के दुकानदारों के सहयोग से यहां धार्मिक कार्यक्रम भी होते हैं।
ऋषभ, स्थानीय दुकानदार।

दधोल चौक और आसपास विकसित हो रहा बाजार। संवाद

दधोल चौक और आसपास विकसित हो रहा बाजार। संवाद

दधोल चौक और आसपास विकसित हो रहा बाजार। संवाद

दधोल चौक और आसपास विकसित हो रहा बाजार। संवाद

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