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Bilaspur News: बिलासपुर जिला में आवारा कुत्तों से निजात के लिए चलाई जाएगी डॉग एडॉप्शन स्कीम
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बिलासपुर। बिलासपुर में आवारा व लावारिस कुत्तों से निजात के लिए जिला स्तरीय डॉग एडॉप्शन स्कीम चलाई जाएगी। उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय ने आज बचत भवन में जिला स्तर पर आवारा कुत्तों से निजात के लिए आयोजित बैठक के दौरान दी।
उपायुक्त ने बताया कि लावारिस कुत्तों से पेश आ रही समस्याओं से निपटने के लिए बैठक में दो पहलुओं पर चर्चा कर योजना तैयार की गई। इसके तहत पशुपालन विभाग द्वारा बड़े स्तर पर लावारिस कुत्तों की नसबंदी की जाएगी, ताकि इन कुत्तों की जनसंख्या को बढ़ने से रोका जा सके और जिला में व्यक्तिगत व सामुदायिक स्तर पर कुत्ते को गोद लेने की योजना चलाई जाएगी। समुदाय स्तर पर, जिसमें कोई भी संगठन, व्यापार मंडल, महिला मंडल और युवा मंडल इन लावारिस कुत्तों को गोद ले सकते हैं।
उन्होंने बताया कि आगामी समय में शहर में आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए सेंटर बनाए जाएंगे और आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। उपायुक्त ने जिला के सभी नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के चुने गए पार्षदों को आगामी जनरल हाउस में लावारिस कुत्तों को गोद लेने वाले लोगों के लिए निशुल्क पार्किंग स्लॉट, वार्षिक कचरा शुल्क से छूट व मुफ्त टीकाकरण आदि की सुविधाएं देने की पेशकश आदि पर विशेष चर्चा करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने बताया कि गोद लिए गए लावारिस कुत्तों को पशुपालन विभाग द्वारा रेबीज के टीके मुफ्त में दिए जाएंगे और समय-समय पर इन कुत्तों की स्वास्थ्य जांच भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर अब तक 40 से अधिक कुत्तों को गोद लिया जा चुका है।
शिमला में 200 कुत्ते लिए थे गोद
उपायुक्त ने बताया कि शिमला में नगर निगम आयुक्त रहते हुए उन्होंने डॉग एडॉप्शन स्कीम को चलाया था। इसके तहत शहर वासियों को आवारा व लावारिस कुत्तों को गोद लेने पर निशुल्क पार्किंग स्लॉट, वार्षिक कचरा शुल्क से छूट मुक्त टीकाकरण आदि की सुविधाएं दी। शिमला शहर में 200 से अधिक आवारा कुत्तों को डॉग लवर्स ने गोद लिया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वे इस योजना को सफल बनाने में सहयोग करें, ताकि बिलासपुर के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को आवारा व लावारिस कुत्तों से निजात मिले।
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उपायुक्त ने बताया कि लावारिस कुत्तों से पेश आ रही समस्याओं से निपटने के लिए बैठक में दो पहलुओं पर चर्चा कर योजना तैयार की गई। इसके तहत पशुपालन विभाग द्वारा बड़े स्तर पर लावारिस कुत्तों की नसबंदी की जाएगी, ताकि इन कुत्तों की जनसंख्या को बढ़ने से रोका जा सके और जिला में व्यक्तिगत व सामुदायिक स्तर पर कुत्ते को गोद लेने की योजना चलाई जाएगी। समुदाय स्तर पर, जिसमें कोई भी संगठन, व्यापार मंडल, महिला मंडल और युवा मंडल इन लावारिस कुत्तों को गोद ले सकते हैं।
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उन्होंने बताया कि आगामी समय में शहर में आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए सेंटर बनाए जाएंगे और आवारा कुत्तों को गोद लेने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। उपायुक्त ने जिला के सभी नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के चुने गए पार्षदों को आगामी जनरल हाउस में लावारिस कुत्तों को गोद लेने वाले लोगों के लिए निशुल्क पार्किंग स्लॉट, वार्षिक कचरा शुल्क से छूट व मुफ्त टीकाकरण आदि की सुविधाएं देने की पेशकश आदि पर विशेष चर्चा करने के निर्देश दिए।
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उन्होंने बताया कि गोद लिए गए लावारिस कुत्तों को पशुपालन विभाग द्वारा रेबीज के टीके मुफ्त में दिए जाएंगे और समय-समय पर इन कुत्तों की स्वास्थ्य जांच भी की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर अब तक 40 से अधिक कुत्तों को गोद लिया जा चुका है।
शिमला में 200 कुत्ते लिए थे गोद
उपायुक्त ने बताया कि शिमला में नगर निगम आयुक्त रहते हुए उन्होंने डॉग एडॉप्शन स्कीम को चलाया था। इसके तहत शहर वासियों को आवारा व लावारिस कुत्तों को गोद लेने पर निशुल्क पार्किंग स्लॉट, वार्षिक कचरा शुल्क से छूट मुक्त टीकाकरण आदि की सुविधाएं दी। शिमला शहर में 200 से अधिक आवारा कुत्तों को डॉग लवर्स ने गोद लिया है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वे इस योजना को सफल बनाने में सहयोग करें, ताकि बिलासपुर के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों को आवारा व लावारिस कुत्तों से निजात मिले।