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पर्यावरण मंत्रालय की रोक के बावजूद एनएचएआई ने ग्रीन फील्ड में शुरू किया काम
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टाली में कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन ग्रीन फील्ड पर निर्माण कार्य करने में जुटी मशीन।
- फोटो : BILASPUR
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बिलासपुर। एनएचएआई ने पर्यावरण मंत्रालय की रोक के बावजूद कीरतपुर-नेरचौक फोरलेन ग्रीन फील्ड क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। जबकि मंत्रालय ने प्रदेश सरकार को भेजे पत्र में साफ किया है कि फोरलेन अप्रूवड रोड अलाइनमेंट प्लान में किए गए बदलाव पर री अलाइनमेंट प्लान भेजने के बाद स्वीकृति मिलने पर ही काम शुरू होगा। लेकिन कंपनी ने उससे पहले ही स्वारघाट के जकातखाना में काम शुरू कर दिया है।
फोरलेन प्रभावित एवं विस्थापित समिति ने पीसीसीएफ (हॉफ) को पत्र लिखकर इस मामले के बारे में अवगत करवाया है। समिति के अध्यक्ष मदन लाल शर्मा ने बताया कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 के पैरा 4.4 के अनुसार वन भूमि के साथ लगते किसी भी क्षेत्र में कंपनी कोई भी निर्माण कार्य नहीं कर सकती है। कहा कि कंपनी ने ग्रीन फील्ड में कार्य शुरू कर दिया है। जबकि इस प्रोजेक्ट के री अलाइनमेंट प्रपोजल को अभी तक मंत्रालय की स्वीकृति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि गोविंद सागर झील में कंपनी अवैध डंपिंग कर रही है। जबकि बीबीएमबी इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। बताया कि जकातखाना के टाली में करीब 300 मीटर ग्रीन फील्ड पर कंपनी ने फोरलेन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। जोकि वन अधिनियम संरक्षण नियमों के खिलाफ है।
डीएफओ बिलासपुर अवणी भूषण रॉय ने कहा कि उक्त निर्माण कार्य वन भूमि पर नहीं है। हालांकि डीएफओ ने माना कि एनएचएआई मंत्रालय के आगामी आदेशों तक ग्रीन फील्ड पर काम नहीं कर सकती है। किसी अन्य भूमि पर निर्माण कार्य रोकना वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। वहीं एनएचएआई मंडी जोन के परियोजना निदेशक नवीन मिश्रा ने बताया कि ग्रीन फील्ड पर कोई निर्माण शुरू नहीं किया गया है। री अलाइनमेंट प्रपोजल वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
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फोरलेन प्रभावित एवं विस्थापित समिति ने पीसीसीएफ (हॉफ) को पत्र लिखकर इस मामले के बारे में अवगत करवाया है। समिति के अध्यक्ष मदन लाल शर्मा ने बताया कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 के पैरा 4.4 के अनुसार वन भूमि के साथ लगते किसी भी क्षेत्र में कंपनी कोई भी निर्माण कार्य नहीं कर सकती है। कहा कि कंपनी ने ग्रीन फील्ड में कार्य शुरू कर दिया है। जबकि इस प्रोजेक्ट के री अलाइनमेंट प्रपोजल को अभी तक मंत्रालय की स्वीकृति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि गोविंद सागर झील में कंपनी अवैध डंपिंग कर रही है। जबकि बीबीएमबी इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। बताया कि जकातखाना के टाली में करीब 300 मीटर ग्रीन फील्ड पर कंपनी ने फोरलेन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। जोकि वन अधिनियम संरक्षण नियमों के खिलाफ है।
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डीएफओ बिलासपुर अवणी भूषण रॉय ने कहा कि उक्त निर्माण कार्य वन भूमि पर नहीं है। हालांकि डीएफओ ने माना कि एनएचएआई मंत्रालय के आगामी आदेशों तक ग्रीन फील्ड पर काम नहीं कर सकती है। किसी अन्य भूमि पर निर्माण कार्य रोकना वन विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। वहीं एनएचएआई मंडी जोन के परियोजना निदेशक नवीन मिश्रा ने बताया कि ग्रीन फील्ड पर कोई निर्माण शुरू नहीं किया गया है। री अलाइनमेंट प्रपोजल वन विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है।
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