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Bilaspur News: पटवार सर्कल डिजिटल न होने से फार्मर रजिस्ट्री का काम थमा
Wed, 07 Jan 2026 11:53 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 07 Jan 2026 11:53 PM IST
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मस्त राम ठाकुर
हजारों किसान फसल बीमा व सम्मान निधि से वंचित होने की कगार पर
प्रशासन का कहना, मिशन मोड पर चल रहा डिजिटल कार्य, जल्द मिलेगी राहत
गोपाल शर्मा
जुखाला (बिलासपुर)। उप तहसील नम्होल में पटवार सर्कलों का डिजिटलीकरण अधूरा होने से किसानों की फार्मर रजिस्ट्री और फसल बीमा योजना का काम पूरी तरह से थम गया है। हालात यह हैं कि न तो किसानों का फसल बीमा योजना का प्रीमियम कट पा रहा है और न ही फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो रही है। इसका सीधा असर उप तहसील के तहत आने वाले हजारों किसानों पर पड़ रहा है, जो लगातार दूसरी फसल के लिए भी फसल बीमा योजना के लाभ से वंचित होने की आशंका झेल रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम जमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जनवरी निर्धारित है। यदि इससे पहले पटवार सर्कलों का डिजिटलीकरण पूरा नहीं हुआ तो इस क्षेत्र के किसानों का लगातार दूसरी छमाही में भी फसल बीमा नहीं हो पाएगा। पिछले वर्ष भी इसी कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। बरसात में फसलें खराब होने के बावजूद उन्हें बीमा योजना का कोई लाभ नहीं मिल सका। फार्मर रजिस्ट्री अब सभी किसानों के लिए अनिवार्य कर दी गई है। इसके बिना न तो किसान विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र माने जाएंगे और न ही केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली किसान सम्मान निधि उनके खातों में आएगी। ऐसे में नम्होल उप तहसील के किसानों को यह डर सता रहा है कि यदि समय रहते पटवार सर्कल डिजिटल नहीं हुए तो उनकी सम्मान निधि की किस्त भी अटक सकती है।
नमहोल उप तहसील के अंतर्गत स्याहोला, निहारखन बासला, नम्होल, दियोथ, घ्याल, खारसी, भोली, रानीकोटला, धुनि पंजेल, सोलधा और छकोह पटवार सर्कल आते हैं। इन सर्कलों में अन्य कार्य तो ऑनलाइन किए जा रहे हैं, लेकिन लैंड सीलिंग, फार्मर रजिस्ट्री और फसल बीमा से जुड़े जरूरी काम नहीं हो पा रहे। मजबूरन किसान लोकमित्र केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वहां भी उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। फार्मर रजिस्ट्री का काम तेज करने के लिए कृषि विभाग ने जिले में रविवार को भी लोकमित्र केंद्र खुले रखने के निर्देश दिए थे, लेकिन पटवार सर्कलों का डिजिटलीकरण पूरा न होने से इसका खास लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। संवाद
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इनसेट
कोटला पंचायत की नीलम फाड़िया ने कहा कि जब वे लोकमित्र केंद्र में फार्मर रजिस्ट्री करवाने जाती हैं तो काम नहीं हो पाता। विभाग को चाहिए कि इसे जल्द पूरा करें, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
इनसेट
जुखाला के मस्त राम ठाकुर ने बताया कि नम्होल उप तहसील में डिजिटल समस्या के कारण उनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है, जिससे वे किसान हित की योजनाओं से वंचित रह सकते हैं।
इनसेट
कोटला पंचायत के रोशन लाल शर्मा ने कहा कि पटवार सर्कलों में डिजिटल दिक्कत के कारण न पिछली फसल और न ही इस फसल का बीमा प्रीमियम जमा हो पाया है।
इनसेट
स्याहोला पंचायत के मंझोत गांव के विजय शर्मा ने चिंता जताई कि फार्मर रजिस्ट्री न होने से उनकी किसान सम्मान निधि की किश्त भी अटक सकती है।
कोट
एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने बताया कि नमहोल उप तहसील के पटवार सर्कलों को डिजिटल करने का कार्य मिशन मोड पर चल रहा है। इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है और जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
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प्रशासन का कहना, मिशन मोड पर चल रहा डिजिटल कार्य, जल्द मिलेगी राहत
गोपाल शर्मा
जुखाला (बिलासपुर)। उप तहसील नम्होल में पटवार सर्कलों का डिजिटलीकरण अधूरा होने से किसानों की फार्मर रजिस्ट्री और फसल बीमा योजना का काम पूरी तरह से थम गया है। हालात यह हैं कि न तो किसानों का फसल बीमा योजना का प्रीमियम कट पा रहा है और न ही फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो रही है। इसका सीधा असर उप तहसील के तहत आने वाले हजारों किसानों पर पड़ रहा है, जो लगातार दूसरी फसल के लिए भी फसल बीमा योजना के लाभ से वंचित होने की आशंका झेल रहे हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रीमियम जमा करवाने की अंतिम तिथि 15 जनवरी निर्धारित है। यदि इससे पहले पटवार सर्कलों का डिजिटलीकरण पूरा नहीं हुआ तो इस क्षेत्र के किसानों का लगातार दूसरी छमाही में भी फसल बीमा नहीं हो पाएगा। पिछले वर्ष भी इसी कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। बरसात में फसलें खराब होने के बावजूद उन्हें बीमा योजना का कोई लाभ नहीं मिल सका। फार्मर रजिस्ट्री अब सभी किसानों के लिए अनिवार्य कर दी गई है। इसके बिना न तो किसान विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र माने जाएंगे और न ही केंद्र सरकार की ओर से दी जाने वाली किसान सम्मान निधि उनके खातों में आएगी। ऐसे में नम्होल उप तहसील के किसानों को यह डर सता रहा है कि यदि समय रहते पटवार सर्कल डिजिटल नहीं हुए तो उनकी सम्मान निधि की किस्त भी अटक सकती है।
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नमहोल उप तहसील के अंतर्गत स्याहोला, निहारखन बासला, नम्होल, दियोथ, घ्याल, खारसी, भोली, रानीकोटला, धुनि पंजेल, सोलधा और छकोह पटवार सर्कल आते हैं। इन सर्कलों में अन्य कार्य तो ऑनलाइन किए जा रहे हैं, लेकिन लैंड सीलिंग, फार्मर रजिस्ट्री और फसल बीमा से जुड़े जरूरी काम नहीं हो पा रहे। मजबूरन किसान लोकमित्र केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन वहां भी उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। फार्मर रजिस्ट्री का काम तेज करने के लिए कृषि विभाग ने जिले में रविवार को भी लोकमित्र केंद्र खुले रखने के निर्देश दिए थे, लेकिन पटवार सर्कलों का डिजिटलीकरण पूरा न होने से इसका खास लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा है। संवाद
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कोटला पंचायत की नीलम फाड़िया ने कहा कि जब वे लोकमित्र केंद्र में फार्मर रजिस्ट्री करवाने जाती हैं तो काम नहीं हो पाता। विभाग को चाहिए कि इसे जल्द पूरा करें, ताकि किसानों को राहत मिल सके।
इनसेट
जुखाला के मस्त राम ठाकुर ने बताया कि नम्होल उप तहसील में डिजिटल समस्या के कारण उनकी फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है, जिससे वे किसान हित की योजनाओं से वंचित रह सकते हैं।
इनसेट
कोटला पंचायत के रोशन लाल शर्मा ने कहा कि पटवार सर्कलों में डिजिटल दिक्कत के कारण न पिछली फसल और न ही इस फसल का बीमा प्रीमियम जमा हो पाया है।
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स्याहोला पंचायत के मंझोत गांव के विजय शर्मा ने चिंता जताई कि फार्मर रजिस्ट्री न होने से उनकी किसान सम्मान निधि की किश्त भी अटक सकती है।
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एसडीएम सदर डॉ. राजदीप सिंह ने बताया कि नमहोल उप तहसील के पटवार सर्कलों को डिजिटल करने का कार्य मिशन मोड पर चल रहा है। इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है और जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।

मस्त राम ठाकुर

मस्त राम ठाकुर

मस्त राम ठाकुर