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कामगारों की सैलरी स्लिप पर फर्जी हस्ताक्षर मामले की होगी जांच

Wed, 06 Jul 2016 11:56 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर।
ब्यूरो/ अमर उजाला, बिलासपुर। Updated Wed, 06 Jul 2016 11:56 PM IST
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fake sign on sallary slip in ntpc worker investigted by adminstration
जांच - फोटो : demopic

कोल बांध परियोजना में काम कर रहे विस्थापितों की सैलरी स्पिल पर फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच अब जिला प्रशासन करेगा। इस संबंध में कर्मचारियों की शिकायत पर उचित कार्रवाई की जाएगी। हालांकि मजदूरों की शिकायत अभी तक प्रशासन के पास नहीं पहुंची है। लेकिन फिर भी जिला प्रशासन खुद मौके पर जाकर पूरे मामले की छानबीन करेगा।

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उल्लेखनीय है कि मजदूर पिछले कई दिनों से मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे है। कामगार कंपनी से निकाले गए मजदूर को काम पर रखने की बात कर रहे है। वहीं विस्थापितों का आरोप है कि उनके गेट पास से लेकर सैलरी स्लिप पर फर्जी हस्ताक्षर किए जा रहे है। यही कारण है कि उनके बार-बार मांग करने पर भी उन्हें सैलरी स्लिप नहीं दी जा रहा है।
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इसके अलावा मजदूरों का कहना है कि श्रम कानून के तहत उन्हें कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। कंपनी उन्हें दबाने के लिए झूठे केस तक दर्ज कर रही है।

इस बारे में एसडीएम बिलासपुर डॉ. हरीश गज्जू का कहना है कि अगर फर्जी हस्ताक्षर हो रहे है तो मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बारे में मजदूर कार्यालय में आकर भी शिकायत कर सकते है। वहीं प्रशासन भी इस मामले पर अपने स्तर पर छानबीन करेगा।
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कंपनी के लोक संपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती का कहना है कि कुछ बाहरी लोग विस्थापितों को भड़का रहे है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी, मजदूरों में जो भी मतभेद है उसे मिलकर बैठककर सुलझा लिया जाएगा। उन्होंने मजदूरों से अपील की है कि वह मिल बैठ कर बात करें।


12वें दिन में पहुंचा प्रभावितों का आंदोलन
परियोजना प्रभावित कर्मचारियों का आंदोलन 12 वें दिन भी जारी रहा। मजदूर वर्कर यूनियन के प्रधान अनूप का कहना है कि कंपनी उनकी किसी भी बात को मानने को तैयार नहीं है। इस कारण उन्हें मजबूरी में आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता है उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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